
Bihar , 6 Feb : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नीतीश सरकार ने राज्य के सरकारी सेवकों और जनप्रतिनिधियों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अब प्रदेश के विधायकों, विधान पार्षदों और 10 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों व उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस ऐतिहासिक निर्णय से न केवल कर्मचारियों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में भी बुनियादी बदलाव देखने को मिलेंगे।
सदन में भाजपा विधायकों ने उठाई मांग
कैशलेस इलाज की यह घोषणा उस वक्त हुई जब भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछा। शुरुआत में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस विषय पर बैठक करने की बात कही, लेकिन भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप और जीवेश मिश्रा अपनी मांग पर अड़ गए। उन्होंने तर्क दिया कि जब सरकार सदन में मौजूद है, तो तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए। विधायकों के दबाव और जनहित को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने सदन में ही कैशलेस सुविधा लागू करने का ऐलान कर दिया।
PPP मोड पर बनेंगे मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए सम्राट चौधरी ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि बिहार में अब पीपीपी (Public-Private Partnership) मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। सरकार जल्द ही इसके लिए एक समर्पित पॉलिसी (नीति) लेकर आएगी, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण होगा।







