
मथुरा , 14 July : श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह के बीच चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका पर समझौते की संभावनाएं देखी हैं। लेकिन कोई पक्ष समझौते को तैयार नहीं है। हिंदू पक्ष का कहना है कि हम कोर्ट में लड़कर पूरी जमीन लेंगे। ईदगाह पक्ष भी समझौता वार्ता में शामिल नहीं होना चाहता है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह के बीच चल रहे विवाद में दाखिल हुई विशेष अनुमति याचिका में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता की संभावना देखने की मांग की गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्रावली भेजकर दोनों पक्षों में समझौते का प्रयास कराने को कहा था।
चार जुलाई को प्राधिकरण में सुनवाई हुई, लेकिन शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने लिखकर दे दिया कि यह वाद लोक अदालत में सूचीबद्ध न किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने समझौता वार्ता के लिए 21,22, 23 अगस्त की तिथि तय की है।
इस मामले हिंदू पक्ष की एक याचिकाकर्ता अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री का कहना है कि हम इस समझौता वार्ता में सुप्रीम कोर्ट में शामिल नहीं होंगे। हम कोर्ट में मुकदमा लड़कर अपनी पूरी जमीन लेंगे। दूसरे याचिकाकर्ता अजय प्रताप सिंह का कहना है कि हम सुप्रीम कोर्ट की वार्ता में शामिल होंगे लेकिन हम समझौता नहीं करेंगे पूरी जमीन लेंगे।
एक याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि हमें पूरी जमीन चाहिए। अभी सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है, पत्र मिलेगा तो हम निश्चित ही जाएंगे।
पहले ही हो गया समझौता, अब क्या
शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद कहते हैं कि शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ के बीच 1968 में समझौता हो गया, इसकी डिक्री भी हो गई। अब किस बात का समझौता होगा। हमें यह स्वीकार नहीं है।







