
श्रीनगर, 14 July : जम्मू कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय में लगभग 45 हजार मामले लंबित पड़े हैं। न्यायालय में स्वीकृत 17 न्यायाधीशों की तुलना में 12 न्यायाधीश ही कार्यरत हैं।
यह जानकारी राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजी) ने अपनी एक रिपोर्ट में दी है। उच्च न्यायालय में सबसे पुराना एक लंबित मामला वर्ष 1991 का है और यह कश्मीर विंग से संबंधित है। अलबत्ता, उच्च न्यायालय के जम्मू विंग में सबसे पुराने लंबित मामले वर्ष 1996 के हैं, जिनमें से चार मामले अभी भी निपटारे की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उपलब्ध आंकड़ो के मुताबिक कुल 44,508 लंबित मामलों में 34,807 दीवानी मामले और 9,701 आपराधिक मामले शामिल हैं। कुल मामलों में 29,882 मामले एक वर्ष से ही पुराने हैं। जो कुल लंबित मामलों का 67.14 प्रतिशत हैं।
दीवानी मामलों में 24,171 मामले यानी 69.44 प्रतिशत, एक वर्ष से अधिक पुराने हैं। वहीं, आपराधिक मामलों में 9,701 लंबित मामलों में से 5,711 मामले यानी 58.87 प्रतिशत एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं।
चालू वित्त वर्ष के दौरान उच्च न्यायालय में 7,459 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें 5,644 दीवानी और 1,815 आपराधिक मामले शामिल हैं। इसी अवधि में न्यायालय ने 6,035 मामलों का निपटारा किया, जिनमें 4,613 दीवानी और 1,422 आपराधिक मामले शामिल हैं। लंबित मुकदमों में रिट याचिकाओं की संख्या सबसे अधिक है। उच्च न्यायालय में कुल 21,960 रिट याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें 21,731 दीवानी रिट याचिकाएं और 229 आपराधिक रिट याचिकाएं शामिल हैं।







