
नई दिल्ली, 14 July : मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर की धार्मिक पहचान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाए बिना नमाज के लिए आसपास के कुछ इलाके तय किए जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि वह इस मामले की रोजाना सुनवाई करने और मसले को सुलझाने के लिए तैयार है।
शीर्ष अदालत मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली कई अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि धार जिले में विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एमपी सरकार को जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस मुस्लिम पक्ष की उन अपीलों पर जारी किया गया है जिनमें हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है। इसमें धार जिले के विवादित 11वीं सदी के भोजशाला-कमल मौला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर माना गया था।







