
राजगढ़ ,10 Aug : मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश अब काल बन गई है. राजगढ़ जिले के पचोर-सारंगपुर रोड स्थित पड़ाना कस्बे में सोमवार सुबह एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को दहला दिया है. यहां एक ईको वैन उफनते झिरी नाले में तिनके की तरह बह गई. कार में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से 3 मासूम बच्चों और 2 महिलाओं समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. सिर्फ दो लोग ही किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा पाए.
रोका था फिर भी ड्राइवर ने पानी में उतारी कार (Rajgarh Padana Van Accident)
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार सवार सभी लोग देवास जिले के सतवास (धांसड़ गांव) के रहने वाले थे. वे अपनी एक काकी (जिन्हें लकवा मार गया था) का इलाज कराने कड़लावद धाम जा रहे थे. झिरी नाले पर 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है और बारिश के कारण पुल के ऊपर से तेज पानी बह रहा था. PWD ने वहां डायवर्जन के बोर्ड भी लगाए थे.
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कार ड्राइवर मुकेश सिंह को आगे जाने से रोका भी था. वे 15 मिनट तक रुके भी, लेकिन तभी गाड़ी में बैठे लोगों ने कहा, “आज नहीं पहुंचे तो डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी, चलो-चलो, निकाल लो.” बस इसी एक जिद के चलते ड्राइवर ने गाड़ी पानी में उतार दी और तेज बहाव ने वैन को अपनी चपेट में ले लिया.
चीख-पुकार और 9 शवों की बरामदगी (Rajgarh Eco Car Swept Away)
देखते ही देखते 11 लोगों से भरी गाड़ी गहरे पानी में समा गई. मौके पर चीख-पुकार मच गई. ग्रामीणों ने रस्सियां फेंककर ड्राइवर मुकेश और हुकुम सिंह को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन बाकी 9 लोग कार समेत डूब गए. SDERF की टीम ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला और काफी मशक्कत के बाद नाले से सभी 9 शव बरामद कर लिए गए हैं.
4-4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान (Dewas family drowned Rajgarh)
इस खौफनाक हादसे में शंकर सिंह (50), सागरबाई, रीनू (28), मासूम राजवीर (3), जसप्रीत, विशाल चौहान, पूजा (27), रिशिका और आनंद सिंह की मौत हो गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए राजगढ़ के कलेक्टर डॉ. गिरीश मिश्रा ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मंजूरी दे दी है. इस हादसे ने साबित कर दिया है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नालों को पार करने की एक छोटी सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है.




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