
झारखंड , 10 Aug : झारखंड में JPSC को लेकर चल रहे विवाद के बीच बड़ी कार्रवाई हुई है. झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन एल. खांग्याते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का विरोध लगातार तेज हो रहा है. इस पूरे मामले ने आयोग की कार्यप्रणाली और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं.
जुलाई में दिया था इस्तीफा
खांग्याते ने 22 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दिया था. उनका इस्तीफा उस वक्त सामने आया, जब CID ने JPSC परीक्षा में कथित धांधली की जांच के तहत आयोग से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. इसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है.
7 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
इससे पहले सोमवार को CID ने एल. खांग्याते से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी. अधिकारी के मुताबिक, वह सुबह लगभग 11 बजे CID कार्यालय पहुंचे थे और शाम करीब छह बजे वहां से बाहर निकले. यह पूछताछ इस मामले में उनका चौथा दौर था. एजेंसी ने इसी दौरान राज्यभर में 18 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी भी की.
खांग्याते पर क्या है आरोप?
जांच एजेंसियों की नजर खास तौर पर उन फैसलों और प्रक्रियाओं पर है, जिनके जरिए JPSC की परीक्षाओं से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाया गया. खांग्याते पर आरोप है कि उन्होंने ऐसी कंपनी का चयन किया, जिसे पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था. इसी आरोप को कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
विवाद के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा भी सामने आया है. इससे आयोग पर दबाव और बढ़ गया है. छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो. फिलहाल CID की जांच जारी है और गिरफ्तार किए गए पूर्व चेयरमैन से पूछताछ के जरिए एजेंसी मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.




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