
जम्मू , 31 July : जम्मू जिले के सीमावर्ती खौड़ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और सतर्कता का परिचय दिया है। शुक्रवार तड़के भारतीय सेना ने एक संदिग्ध पाकिस्तानी निगरानी ड्रोन को मार गिराने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से सीमा पार से हो रही नापाक हरकतों पर एक बार फिर से विराम लगा है और सुरक्षा ग्रिड की मजबूती साबित हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 जुलाई 2026, शुक्रवार तड़के की है। सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र के मंडयाला (छम्ब) की ओर से एक ड्रोन भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। यह ड्रोन खौड़ सेक्टर के चकाला फॉरवर्ड क्षेत्र की ओर बढ़ता हुआ देखा गया।
बताया जा रहा है कि यह इलाका सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और पुलिस पोस्ट पलांवाला, थाना खौड़ के अधिकार क्षेत्र में आता है। ड्रोन की ऊंचाई कम थी और वह लगातार भारतीय चौकियों के आसपास के इलाके में मंडरा रहा था, जिससे उसकी मंशा पर संदेह गहरा गया। आशंका है कि इसका इस्तेमाल भारतीय सेना की तैनाती और फॉरवर्ड पोस्टों की निगरानी के लिए किया जा रहा था।
जवानों की सतर्कता से नाकाम हुई साजिश
जैसे ही ड्यूटी पर तैनात जवानों की नजर इस संदिग्ध ड्रोन पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए उच्च अधिकारियों को सूचित किया और अलर्ट जारी कर दिया। ड्रोन को लगातार निगरानी करते हुए भारतीय सेना के सतर्क जवानों ने सटीक निशाना लगाते हुए उस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवानों की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई के बाद ड्रोन अपना संतुलन खो बैठा और भारतीय क्षेत्र में ही नीचे गिर गया। गनीमत रही कि ड्रोन आबादी वाले क्षेत्र में नहीं गिरा, जिससे किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचा जा सका। ड्रोन के गिरते ही पूरे इलाके को घेर लिया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
ड्रोन की जांच में जुटी एजेंसियां
तलाशी अभियान के दौरान सेना को ड्रोन के मलबे से कई अहम चीजें बरामद हुई हैं। प्रारंभिक जांच में ड्रोन के साथ एक 64 जीबी का मेमोरी कार्ड और बैटरियां बरामद की गई हैं। इन सभी सामग्रियों को तुरंत कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बरामद किए गए इस ड्रोन पर “Made in China” अंकित पाया गया है। अक्सर देखा गया है कि पाकिस्तान की ओर से चीन निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल जासूसी और हथियारों की तस्करी के लिए किया जाता है। इस मेमोरी कार्ड में क्या डेटा है, ड्रोन कहां से उड़ाया गया और इसका असली मकसद क्या था, यह जांच का मुख्य विषय है।
फिलहाल इस ड्रोन को भारतीय सेना की निगरानी में रखा गया था, जिसके बाद इसे विस्तृत तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के लिए सेना की विशेष तकनीकी शाखा को भेज दिया गया है। मेमोरी कार्ड में मौजूद फुटेज और डेटा से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
LoC पर हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
घटना के बाद से ही पूरे खौड़ सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। सेना के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही हैं। LoC पर लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी संभावित घुसपैठ या ड्रोन गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।






