
कटड़ा , 31 July : कभी रिमझिम फुहार, तो कभी सिहरन भरी ठंडी हवाएं… त्रिकुटा पर्वत पर मौसम भले ही हर घंटे अपना मिजाज बदल रहा हो, लेकिन मां वैष्णो देवी के भक्तों की आस्था के आगे हर मुश्किल बौनी पड़ रही है। शुक्रवार को भी तस्वीर कुछ ऐसी ही रही, जब हजारों श्रद्धालु ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाते हुए पवित्र भवन की ओर बढ़ते नजर आए।
मौसम विभाग की चेतावनी और पहाड़ों पर छाए घने बादलों के बावजूद यात्रा न सिर्फ जारी है, बल्कि पूरी तरह सुचारू और सुरक्षित चल रही है।
12 दिन बाद खुला बैटरी कार मार्ग
शुक्रवार का दिन यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने करीब 12 दिनों से बंद पड़े महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया है।
पिछले कई दिनों से लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते इस मार्ग को एहतियातन बंद किया गया था। मार्ग खुलते ही दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस रास्ते से भवन की ओर जाती देखी गई। बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, बैटरी कार सेवा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अन्य सभी सेवाएं भी सुचारू हैं।
क्या चल रहा है और क्या है बंद?
यात्रा को सुगम बनाने के लिए श्राइन बोर्ड ने पूरी तैयारी कर रखी है।
उपलब्ध सेवाएं: बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवा सामान्य रूप से चल रही है। यात्री अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार इन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
बंद सेवा: त्रिकुटा पर्वत पर बादलों का घना जमावड़ा लगा हुआ है और विजिबिलिटी बेहद कम है। इसी कारण सुरक्षा कारणों से हेलीकॉप्टर सेवा लगातार दूसरे दिन भी बंद रही। प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम साफ होते ही हेलीकॉप्टर सेवा को तुरंत बहाल कर दिया जाएगा।
शुक्रवार दोपहर फिर बरसे बदरा
वीरवार देर रात हुई झमाझम बारिश ने यात्रा मार्ग पर कुछ देर के लिए परेशानी जरूर खड़ी की थी। मार्ग पर फिसलन बढ़ गई थी, लेकिन श्राइन बोर्ड के सफाई कर्मियों ने रातों-रात मार्ग को साफ कर दिया।
शुक्रवार सुबह मौसम बिल्कुल साफ और सुहावना रहा, जिससे यात्रियों को चलने में काफी आसानी हुई। हालांकि, दोपहर होते-होते एक बार फिर हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। पर इस बारिश ने भी भक्तों के कदम नहीं रोके। रेनकोट पहने, छाते लगाए श्रद्धालु माता के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, प्रशासन अलर्ट मोड पर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। यात्रा मार्ग के हर संवेदनशील मोड़ पर आपदा प्रबंधन दल, एसडीआरएफ, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।
कंट्रोल रूम से लगातार यात्रा मार्गों पर नजर रखी जा रही है। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल सभी यात्रा ट्रैक- पुराना मार्ग, नया ताराकोट मार्ग और बैटरी कार मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
यात्रा आंकड़ा
आस्था का सैलाब कितना बड़ा है, इसका अंदाजा आंकड़ों से लगता है। वीरवार, 30 जुलाई को 16,300 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाई। वहीं शुक्रवार, 31 जुलाई को शाम 5 बजे तक ही करीब 12,000 श्रद्धालु कटड़ा बेस कैंप से पंजीकरण कराकर भवन के लिए रवाना हो चुके थे और अभी भी भक्तों का आना लगातार जारी है।





