
काठमांडू , 23 July : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह भारत और चीन के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखने के लिए काठमांडू में मौजूद राजदूतों के साथ आमने-सामने की बैठक न करने के अपने ही बनाए नियम को तोड़ने जा रहे हैं।
पीएम शाह इस हफ्ते भारत और चीन के राजदूतों से अलग-अलग बैठक करने की योजना बना रहे हैं। द काठमांडू पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह दिखाने के लिए कि नेपाल नई दिल्ली और बीजिंग को बराबर महत्व देता है, शाह एक ही दिन भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीनी राजदूत झांग माओमिंग से मुलाकात करेंगे।
मुलाकात की तारीख का नहीं हुआ एलान
हालांकि अभी तक सही तारीखों का एलान नहीं हुआ है लेकिन नेपाल में सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि जल्द ही इसकी पुष्टि होने की संभावना है। यह फैसला बालेन शाह सरकार के कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे होने के एक महीने से ज्यादा समय बाद लिया गया है।
बालेन शाह ने क्या नियम बनाया था?
जेन-जी (Gen Z) के विरोध-प्रदर्शन के बाद सत्ता में आने के बाद से नेपाल के प्रधानमंत्री ने लंबे समय से चली आ रही राजनयिक परंपराओं से हटकर विदेशी दूतों से अलग-अलग मिलने से इनकार कर दिया है। इसके बजाय उन्होंने काठमांडू में तैनात राजदूतों के साथ दो बार संयुक्त राजनयिक बैठकें की हैं।
राजनयिक परंपरा यह रही है कि हर नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री पद संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर प्रधानमंत्री कार्यालय या अपने सरकारी आवास पर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करता है।
उन्होंने राजनयिक अपवाद तब किया जब जुलाई की शुरुआत में नेपाल की अपनी तीन दिन की यात्रा के दौरान वे एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रेसिडेंट मासातो कांडा से मिले। काठमांडू की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शाह ने हाल ही में व्यापारियों, ठेकेदारों, उद्योगपतियों और निर्यातकों सहित कारोबारी समुदाय के साथ नियमित रूप से बातचीत करना भी शुरू कर दिया है।






