
बनी, 8 June : जहां मैदानी क्षेत्रों में लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है और भीषण तापमान के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं पहाड़ी क्षेत्र बनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरथल, चलाधर, डग्गर इन दिनों शीतल हवाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। यहां का मौसम इतना सुहावना है कि पर्यटक गर्मियों में भी स्वेटर और जैकेट पहनकर प्राकृतिक वादियों का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।
बनी की ऊंची-ऊंची पहाड़ियां, घने देवदार के जंगल, कल-कल बहते प्राकृतिक झरने, विस्तृत हरे-भरे मैदान और बादलों से घिरी वादियां हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। प्रकृति का यह अनोखा नजारा ऐसा प्रतीत होता है मानो धरती और आसमान एक-दूसरे से बातें कर रहे हों। इन खूबसूरत दृश्यों को देखने के लिए हर किसी का मन यहां आने को करता है।
गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही इन पर्यटन स्थलों की रौनक और भी बढ़ गई है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में स्थानीय और बाहरी पर्यटक बनी पहुंचकर यहां के प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। कई पर्यटक बनी से सरथल होते हुए आगे कश्मीर की ओर भी यात्रा कर रहे हैं। रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही देखने को मिली।
डीजे पर नाचते-झूमते नजर आए पर्यटक
पर्यटन स्थल सरथल में युवाओं और परिवारों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर पर्यटक डीजे की धुनों पर नाचते-झूमते नजर आए और परिवारों ने खुले मैदानों में बैठकर पिकनिक का आनंद लिया। बच्चों ने प्राकृतिक वातावरण में खेलकूद कर छुट्टियों का भरपूर आनंद उठाया।
बनी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित सरथल का सफर भी अपने आप में बेहद रोमांचक है। रास्ते में बहते झरने, हरे-भरे पहाड़, घुमावदार सड़कें और धार्मिक स्थल पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। मार्ग में स्थित मंदिर और मस्जिद सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हैं, जबकि फिश पॉन्ड और सैवन फाल भी यात्रियों को विशेष आकर्षित करता है।
वहीं यदि चलाधर की बात की जाए तो यह बनी-बसोहली सड़क मार्ग से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां का प्राकृतिक वातावरण और मनमोहक दृश्य हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। हालांकि इस स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
पेयजल की समस्या बड़ी चुनौती बनी
विशेष रूप से पेयजल की समस्या यहां सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर जलापूर्ति नहीं हो रही है। नलों में पानी नहीं आने से पर्यटकों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
यही कारण है कि कई पर्यटक चलाधर के बजाय सरथल और डग्गर जैसे स्थलों का रुख करना अधिक पसंद कर रहे हैं। राजस्थान से आए पर्यटक कुलदीप सिंह, हरदीप सिंह, संदीप कुमार ने कहा कि यह स्थान किसी कश्मीर के गुलमर्ग से कम नहीं है लेकिन सरकार को चाहिए कि यहां पर रहने के लिए होटल और अन्य व्यवस्था करें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चलाधर में पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। उनका मानना है कि पर्यटन सुविधाओं के विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विद्यार्थी भी पिकनिक मनाने पहुंच रहे
इन दिनों स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थी भी अपने शिक्षकों के साथ इन पर्यटन स्थलों पर पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। प्राकृतिक वातावरण में समय बिताकर बच्चे न केवल मनोरंजन कर रहे हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के महत्व को भी समझ रहे हैं।
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर बनी क्षेत्र के ये पर्यटन स्थल गर्मियों के मौसम में लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। यदि सरकार यहां आधारभूत सुविधाओं का और अधिक विकास करे तो आने वाले समय में यह क्षेत्र देशभर के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
एसडीएम बनी संदीप कुमार शर्मा का कहना है कि काफी संउ में पर्यटक बनी के विभिन्न स्थानों पर पहुंच रहे हैं यहां सरथल और छात्रगला में सुरक्षा के लिए सेना की चौंकी भी हैं। वहीं सड़क मार्ग की हालात पूरी तरह से अच्छी है।
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