
बिहार , 17 Mar : बिहार के अररिया-फारबिसगंज मार्ग (NH-27) पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 साल के एक नौजवान की जान चली गई. हादसा इतना भयानक था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसकी मां और मासूम बेटा इस वक्त अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान अररिया आरएस थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर धामा (वार्ड संख्या 13) के रहने वाले सउद (समीम के पुत्र) के रूप में हुई है. चश्मदीदों के मुताबिक, सउद अपनी 55 वर्षीय मां सफतरी और 4 साल के बेटे उजेर के साथ बाइक पर सवार होकर जा रहे थे.
परिवार में ईद की तैयारियां चल रही थीं. सउद अपनी बहन के घर (झमटा गांव) त्यौहार का सामान पहुंचाने जा रहा था. बाइक पर सवार यह छोटा सा परिवार जैसे ही नेशनल हाईवे पर पहुंचा, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सउद बाइक से दूर जा गिरा और उसके सिर पर गंभीर चोट आने की वजह से मौके पर ही उनकी मौत हो गई. वहीं, उसकी मां और 4 साल का बेटा सड़क पर लहूलुहान पड़े रहे. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और तुरंत पुलिस व एम्बुलेंस को सूचना दी.
घायलों को आनन-फानन में अररिया सदर अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन दोनों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है. फिलहाल पूरा परिवार सदमे में है और घायलों की सलामती की दुआ कर रहा है.
गुस्साए लोगों ने किया चक्का जाम
हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया. मौके पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और एम्बुलेंस को खबर देने के काफी देर बाद भी कोई मदद नहीं पहुंची. इस देरी से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दी और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जिलाधिकारी और एसपी खुद मौके पर आएं.
जाम की वजह से हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई. बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया और रास्ता साफ करवाया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-27 पर गाड़ियों की रफ्तार और खराब साइनेज (Signage) की वजह से आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं.
लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस सड़क पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करे और तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाए, ताकि फिर किसी की जान ना जाए.







