Parliament Budget Session , 5 Feb : संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार (5 फरवरी) को भी लोकसभा हंगामे की भेंट चढ़ गया. भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी. लगातार दूसरे दिन बजट पर चर्चा नहीं हो सकी.
लोकसभा में हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने एक बेहद गंभीर बयान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बीते दिन उनके चैंबर में कुछ विपक्षी सदस्यों का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था और ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया.
‘PM के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती थी’
स्पीकर ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे बहुत दुख के साथ यह सदन को सूचित करना पड़ रहा है कि कल मेरे चैंबर में कुछ सदस्यों ने जिस तरह का व्यवहार किया, वह संसदीय परंपराओं पर काला धब्बा है. हमें सदन को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए.”
स्पीकर ने कहा कि जब प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था, तब उन्हें सूचना मिली कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के साथ कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं. उन्होंने आगे कहा, “इस जानकारी के बाद मैंने नेता सदन से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री सदन में न आएं. प्रधानमंत्री ने मेरे आग्रह को स्वीकार किया, इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं.”
संसद परिसर में मौजूद थे प्रधानमंत्री
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर में मौजूद थे, लेकिन स्पीकर के फैसले के चलते वे लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब नहीं दे सके. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बताया जा रहा है कि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने से कांग्रेस सांसद खासे नाराज थे. इसी विरोध में कांग्रेस की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री के भाषण से पहले पीएम की कुर्सी का घेराव भी किया था.
राज्यसभा में भी गरमाया मुद्दा
लोकसभा के घटनाक्रम का असर राज्यसभा में भी देखने को मिला. राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे आमने-सामने आ गए. खड़गे ने कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में विपक्ष के नेता को न बोलने देने का मुद्दा उठाया, लेकिन जेपी नड्डा ने बीच में ही उन्हें रोकते हुए कहा कि एक सदन के विषय को दूसरे सदन में नहीं उठाया जा सकता. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी तकरार देखने को मिली और राज्यसभा की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए बाधित रही.







