
जम्मू , 20 Jan : जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से सूखे मौसम के बाद जम्मू-कश्मीर में राहत की उम्मीद जगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग श्रीनगर ने 2 पश्चिमी विक्षोभों की चेतावनी जारी की है, जो एक के बाद एक आकर 22 से 28 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। पहला विक्षोभ तीव्र होगा, जो 22 से 24 जनवरी तक सक्रिय रहेगा और 23 जनवरी को चरम पर होगा। दूसरा विक्षोभ मध्यम तीव्रता का होगा, जो 26 जनवरी रात से 28 जनवरी सुबह तक प्रभावी रहेगा, जिसमें 27 जनवरी को अधिकतम गतिविधि होगी।
पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी भी हो सकती है। विशेष प्रभाव पीर पंजाल रेंज, चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के मध्य से ऊंचे इलाकों पर पड़ेगा। विभाग के अनुसार अनंतनाग, पहलगाम, कुलगाम, शोपियां, पीर की गली, गुलमर्ग, सोनमर्ग-जोजिला एक्सिस, बांदीपोरा-राजदान पास, कुपवाड़ा-साधना पास, डोडा, ऊधमपुर, रियासी, किश्तवाड़ और रामबन आदि में इसका अधिक प्रभाव देखा जा सकता है। मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर कश्मीर संभाग में 22 से 24 जनवरी तक और जम्मू संभाग में 23 और 24 जनवरी तक यैलो अलर्ट जारी किया है।
बर्फीले इलाकों में हिमस्खलन का खतरा
मौसम विभाग ने इस अवधि के दौरान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित ऊंची सड़कों और हवाई यातायात में रुकावट की आशंका जताई है। यात्रियों, पर्यटकों और ट्रांसपोर्टरों को यात्रा योजना सावधानीपूर्वक बनाने और ट्रैफिक/प्रशासनिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। बर्फीले इलाकों में हिमस्खलन (एवलांच) का खतरा हो सकता है। ऐसे में लोगों को ढलान वाले और एवलांच संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को 22 से 28 जनवरी के दौरान सिंचाई, उर्वरक छिड़काव और कीटनाशक स्प्रे न करने की सलाह दी है। प्रभावित स्थानों पर भूस्खलन, मिट्टी धसने और तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा) के चलने की संभावना जताई गई है।







