समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में दोबारा जेल भेजे गए उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे अब्दुल्ला आजम को रामपुर कोर्ट ने दो पासपोर्ट और पैनकार्ड मामले में 7 साल की सजा सुनाई है. साथ ही उनपर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
बता दें कि, 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद आजम खान पर शिकंजा कसना शुरू हो गया. उनपर एक के बाद एक कई मामले दर्ज किए गए. इसी दौरान बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम और अन्य लोगों पर फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था. जिस मामले में रामपुर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए अब्दुल्ला आजम को 7 साल कैद की सजा सुनाई है.
दो-दो पासपोर्ट और पैन कार्ड बनाने का आरोप
अब्दुल्ला पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने दो-दो पासपोर्ट और पैन कार्ड बनवाये हैं. एक पासपोर्ट और पैन कार्ड असली दस्तावेज के आधार पर बना था और दूसरा नकली नाम और पहचान के आधार पर तैयार किया गया था. उनपर आरोप लगाया गया था कि इन फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट के आधार पर वो वोटिंग, बैंकिंग और अन्य ऐसे काम जो संवेदनशील माने जाते हैं, कर सकते थे.
कोर्ट ने 7 साल जेल की सुनाई सजा
जिस मामले में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अब्दुल्ला आजम कोर्ट में पेश हुए और कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए ना सिर्फ 7 साल जेल की सजा सुनाई, बल्कि उनके इस काम को समाज और राष्ट्र के लिए खतरनाक करार दिया. कोर्ट का कहना था कि इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आपराधिक काम या धांधली की जा सकती है.
बता दें कि, अब्दुल्ला आजम पहले ही एक पैन कार्ड मामले में जेल की सजा काट रहे हैं. अब फर्जी पासपोर्ट के मामले में मिली सजा ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है.





