
इंडिगो एयरलाइंस दिसंबर की शुरुआत में ही एक बड़े संकट में फंस गई, जब 3 दिसंबर से देशभर में फ्लाइट्स का कैंसिलेशन शुरू हो गया. DGCA के नए नियमों के कारण एयरलाइन ने 4 दिसंबर को 550 से अधिक उड़ानें रद्द कीं. कंपनी ने कहा कि क्रू की कमी से प्रभावित होकर ऐसा करना पड़ा.
बड़े-बड़े हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंसे
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंसे रहे. 5 दिसंबर को दिल्ली से सभी घरेलू उड़ानें आधी रात तक रद्द कर दी गईं. कुल मिलाकर, 3 से 5 दिसंबर तक 1000 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे एयरलाइन की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 8.5% तक गिर गई.
इंडिगो ने लंबे-चौड़े पोस्ट में माफी मांगी
इंडिगो ने X प्लेटफॉर्म पर माफी मांगी, जिसमें कहा गया कि वे ग्राहकों की परेशानी समझते हैं और जल्द से जल्द ऑपरेशन सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं. एयरलाइन ने सभी रद्द उड़ानों के लिए ऑटोमैटिक रिफंड, 5 से 15 दिसंबर तक की बुकिंग्स पर फुल वेवर, होटल व्यवस्था, सतह परिवहन, एयरपोर्ट पर भोजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाउंज एक्सेस का वादा किया.
कंपनी ने कहा कि सिस्टम रीबूट और DGCA के साथ समन्वय से कल से सुधार शुरू होगा, लेकिन पूर्ण सामान्यीकरण फरवरी 2026 तक हो सकता है.
उड़ानें रद्द होने पर सरकार का संज्ञान
DGCA ने पायलटों के साप्ताहिक आराम आदेश को वापस ले लिया और इंडिगो से मिलकर समस्या सुलझाई. एयरलाइन ने स्वीकारा कि उन्होंने चरण-2 क्रू जरूरतों का गलत आकलन किया, और 8 दिसंबर से उड़ानें कम करेगी. उत्तरी रेलवे ने जम्मू-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में अतिरिक्त कोच जोड़ा. यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलट कमी और नियोजन की कमियों को उजागर करती है.
इस तरह लोगों को समस्या झेलनी पड़ी
इंडिगो एयरलाइंस द्वारा उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों पर बुरा असर पड़ा. चंडीगढ़, जम्मू और हुबली जैसे शहरों में यात्री विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. एक नवविवाहित जोड़े को भुवनेश्वर से हुबली की उड़ान रद्द होने से अपनी रिसेप्शन वीडियो कॉल पर अटेंड करनी पड़ी, जहां दुल्हन के माता-पिता ने स्टेज पर आरती की. एयरपोर्ट पर सूटकेस के ढेर लगे, यात्री फर्श पर सो रहे, और एक पिता को बेटी के लिए सेनिटरी पैड मांगना पड़ा. उड़ान किराए में भारी वृद्धि से घरेलू टिकट अंतरराष्ट्रीय से महंगे हो गए.

टेक दिग्गज प्रभुदेसाई का लाखों का नुकसान हुआ
पुणे एयरपोर्ट पर फंसे टेक दिग्गज अरुण प्रभुदेसाई ने इंडिगो की फ्लाइट कैंसिलेशन पर कड़ी आलोचना की. मूल रूप से दोपहर 1:05 बजे निर्धारित उनकी उड़ान को बार-बार टाला गया — सबसे पहले 1:25 बजे, फिर 3:30 बजे और अंततः शाम 6 बजे. सैकड़ों यात्रियों के साथ घंटों इंतजार करते हुए उन्होंने स्थिति को ‘पूरी तरह से अव्यवस्थित’ बताया. केवल एक महिला कर्मचारी 100-200 नाराज यात्रियों के सवालों का सामना कर रही थीं, जबकि देरी, रद्दीकरण या वैकल्पिक विकल्पों पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी.
एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रभुदेसाई ने कहा, “हर बार जब हम क्रू से पूछते हैं कि फ्लाइट जाएगी या रद्द होगी, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. कोई जवाबदेही नहीं.” उन्होंने आगे कहा, “इस अव्यवस्था के कारण मेरे इस इवेंट के लिए लाखों का निवेश बर्बाद होने का खतरा है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है? नुकसान की भरपाई कौन करेगा?”
बकौल प्रभुदेसाई, यह इवेंट उनके साल का सबसे बड़ा आयोजन था. राष्ट्रीय संकट के बीच, उस दिन 300 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और पिछले दिन कम से कम 150 प्रभावित रहीं, जिसके कारण इंडिगो ने 48 घंटों के लिए शेड्यूल में ‘समायोजन’ किया. प्रभुदेसाई ने मांग की, “मुझे जवाब चाहिए, इंडिगो. और आज यहां फंसे सैकड़ों यात्रियों को भी.” यह घटना यात्रियों की व्यापक पीड़ा को और उजागर करती है.




