
हरियाणा , 13 July : हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 तारीख को जींद आ रहे हैं. पीएम के स्वागत और इस ऐतिहासिक पल के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में सप्ताह भर का विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 तारीख को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत करेंगे. कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने फरीदाबाद में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पीएम के स्वागत में पूरे हरियाणा में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने फरीदाबाद-गुरुग्राम में जलभराव की समस्या में 80% सुधार होने और ऑनलाइन इंतकाल जैसी व्यवस्थाओं से तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म होने की बात कही.
17 तारीख को पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने आज फरीदाबाद में स्वच्छता अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा आगमन को लेकर पूरे प्रदेश में जबरदस्त उत्साह है. पीएम मोदी आगामी 17 तारीख को जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. इस बड़े आयोजन के स्वागत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पूरे हरियाणा में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जो पूरे एक सप्ताह तक जारी रहेगा.
लोगों को 80 प्रतिशत तक राहत
इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने मानसून और जलभराव की तैयारियों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पहले से की गई तैयारियों का सकारात्मक असर धरातल पर देखने को मिल रहा है. फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में इस बार जलभराव की समस्या से लोगों को 80 प्रतिशत तक राहत मिली है. जहां भी कुछ कमियां रह गई हैं, उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा ताकि आम जनता को 100% सुविधा और राहत मिल सके.
लोगों का सरकारी कामकाज पर भरोसा बढ़ेगा
प्रशासनिक सुधारों और तहसीलों में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए विपुल गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार कर रही है. पहले ‘पेपरलेस रजिस्ट्री’ और अब ‘ऑनलाइन इंतकाल’ (Online Mutation) की व्यवस्था शुरू होने से लोगों को तहसीलों के चक्कर काटने और वहां होने वाले भ्रष्टाचार से बड़ी निजात मिलेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इन व्यवस्थाओं में अमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिससे आम जनता का सरकारी कामकाज पर भरोसा बढ़ेगा.







