
उत्तर प्रदेश , 13 Oct : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बरुआसागर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और अंततः राहत भरी खबर सामने आई है. महज 15 हजार रुपये के कर्ज के मानसिक दबाव में आकर एक 26 वर्षीय युवक ने खौफनाक कदम उठाते हुए आत्महत्या करने का प्रयास किया. गनीमत यह रही कि वक्त रहते परिवार की सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने अदम्य साहस और सूझबूझ दिखाते हुए घर की छत की सीमेंट शीट तोड़ी और अंदर घुसकर युवक की जान बचा ली.
फिलहाल गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है.
15 हजार के कर्ज का था भारी तनाव
मामला बरुआसागर थाना क्षेत्र के तिलैथा खुर्द गांव का है. यहां रहने वाला 26 वर्षीय मुकेश रैकवार पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी और महज 15 हजार रुपये के कर्ज के दलदल में बुरी तरह फंसा हुआ था. तनाव इतना ज्यादा बढ़ गया था कि रविवार की शाम उसने अपनी मां गणेशी रैकवार से कुछ रुपये मांगे. लेकिन घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के कारण मां उस वक्त रकम का इंतजाम नहीं कर सकीं. इसी बात से आहत होकर मुकेश ने घर के अंदर खौफनाक कदम उठाने का फैसला कर लिया.
पुलिस ने छत की शीट तोड़कर अंदर एंट्री की
जब मुकेश ने अंदर से कमरा बंद कर लिया और काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई, तो परिवार वालों के होश उड़ गए. उन्होंने तुरंत मदद के लिए पुलिस को फोन किया. सूचना मिलते ही डायल 112 पर तैनात उपनिरीक्षक हरिराम सिंह, पुलिसकर्मी पुष्पेंद्र कुमार और भूपेंद्र यादव की टीम बिजली की रफ्तार से मौके पर पहुंची.
मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक था और समय गंवाने का मतलब युवक की जान जाना था. बिना एक पल गंवाए पुलिसकर्मियों ने छत पर चढ़कर सीमेंट की शीट को तोड़ा और तुरंत घर के अंदर दाखिल हुए.
फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाई गई सांसें
पुलिस टीम ने अंदर पहुंचते ही फंदे पर लटक रहे मुकेश को नीचे उतारा और बिना देर किए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है.
आपको बता दें कि मुकेश शादीशुदा है और उसकी एक दो साल की मासूम बेटी परी है. इस घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है, लेकिन डायल 112 की जांबाज पुलिस टीम की बदौलत एक हंसता-खेता परिवार उजड़ने से बाल-बाल बच गया.

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