
Haryana 28 Oct : हरियाणा में अनाज मंडियों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य के एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड ने बाजरा खरीद में हुई भारी गड़बड़ियों और हेराफेरी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद से महकमे में हड़कंप मच गया है.
कौन-कौन लोग हुए सस्पेंड?
बोर्ड की तरफ से जिन लोगों पर गाज गिरी है, उनमें मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी विद्या सागर, अकाउंटेंट तेजवीर, सुपरवाइजर राकेश और चतुर्भुज के साथ-साथ ऑक्शन रिकॉर्डर सतीश भी शामिल हैं. इन सभी की लापरवाही और गड़बड़ियों में संलिप्तता पाए जाने के बाद इन्हें निलंबित किया गया है और इनका नया हेडक्वार्टर पंचकूला स्थित सीएमईओ (CMEO) ऑफिस तय किया गया है.
कैसे खुला इस घोटाले का राज?
पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब हाल ही में प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मंडी के दौरे पर पहुंचे थे. वहां किसानों ने उनसे सीधे तौर पर बाजरा खरीद में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की शिकायत की और निष्पक्ष जांच की मांग की. किसानों की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर मंदीप कौर ने तुरंत एक्शन लिया और एक तीन सदस्यीय विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया.
जब इस कमेटी ने मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन किया, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. जांच में सामने आया कि मंडी के कागजी रिकॉर्ड में दर्ज बाजरा और असलियत में वहां मौजूद बाजरे की मात्रा में जमीन-आसमान का फर्क था. रिकॉर्ड के मुकाबले करीब 68,405 क्विंटल बाजरा कम पाया गया, जिसके बाद अधिकारियों की यह लापरवाही पूरी तरह बेनकाब हो गई.






