
जम्मू, 9 Oct : जम्मू-कश्मीर में बिजली चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाने और ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मुहैया कराने के लिए जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कारपोरेशन लिमिटेड ने नया और कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) के नए निर्देशों के बाद अब क्षेत्र के सभी सब-डिवीजन प्रभारियों को सीधे तौर पर मौके पर ही सख्त कानूनी कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी गई है।
बात सिर्फ लाइन काटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत इलाके के पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
जुर्माना भरने के बाद ही दोबारा मिलेगी बिजली
कार्रवाई के शिकार उपभोक्ताओं को दोबारा बिजली तभी मिल सकेगी, जब वे विभाग द्वारा तय किया गया जुर्माना और बकाया शुल्क पूरी तरह जमा कर देंगे। पूरा भुगतान होने के बाद ही फील्ड अफसर नियमानुसार बिजली बहाल करेंगे, जिससे राजस्व नुकसान पर रोक लग सके और व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा का पूरा ध्यान
किसी भी तरह की मनमानी या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विभाग ने पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी अधिकृत अधिकारियों के नाम, पद और कार्यक्षेत्र की पूरी सूची जेपीडीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित कार्यालयों में सार्वजनिक की जाएगी। इसके अलावा, चेकिंग और साक्ष्य जुटाने की पूरी प्रक्रिया विद्युत आपूर्ति संहिता 2023 के नियमों के तहत ही होगी, ताकि किसी भी निर्दोष उपभोक्ता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपभोक्ताओं की स्थिति
केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ते बिजली नेटवर्क के बीच चोरी और लोड मिसमैच एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में कुल पंजीकृत बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 24.5 लाख से अधिक है। इनमें से जम्मू संभाग जेपीडीसीएल क्षेत्र के अंतर्गत करीब 12 लाख से अधिक उपभोक्ता आते हैं। संभाग के सबसे बड़े केंद्र जम्मू जिले की बात करें तो अकेले यहां 4.5 से 5 लाख के करीब घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक विद्युत कनेक्शन पंजीकृत हैं।
बीते दिनों हुई घटनाएं और छापेमारी अभियान
यह कड़ा फैसला उन लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद लिया गया है, जहां स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद भारी पैमाने पर बिजली चोरी और ओवरलोडिंग के मामले पकड़े गए। विगत अभियानों के दौरान गांधी नगर, गंग्याल, जानीपुर, त्रिकुटा नगर, बावे और ग्रामीण इलाकों में जेपीडीसीएल की विजिलेंस टीमों ने दर्जनों हुकिंग पकड़ी थीं, कई परिसरों में स्मार्ट मीटर बाईपास पाए गए और लाखों रुपये के भारी जुर्माने लगाए गए। कई जगहों पर चेकिंग टीमों को स्थानीय विरोध का सामना भी करना पड़ा, जिसे देखते हुए अब सीधे पुलिस कार्रवाई और कानूनी शिकायत दर्ज करने के स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं।





