
नई दिल्ली, 22 Aug : जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को आरक्षण के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए 20 वर्षीय साहिल लोचब की शिकायत पर संसद मार्ग थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। साहिल ने शिकायत में बताया है कि प्रदर्शन के दौरान उनके दाहिने आंख के पैलेट गन की प्लेट लगने से गंभीर चोट आई और उनकी आंख की रोशनी प्रभावित हुई।
प्रदर्शन के दौरान आंख में गंभीर चोट लगने के बाद उनकी सेहत के साथ परिवार के सामने उनके भविष्य को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है।
दिल्ली विश्वविद्यालय से कर रहे हैं पढ़ाई
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार साहिल लोचब दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) से पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता दिव्यांग हैं और वह परिवार में सबसे बड़े बेटे हैं।
शिकायत के मुताबिक इससे पहले उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था और न ही उनका किसी थाने से कोई पूर्व संबंध रहा है।
प्रदर्शन में हाथ में था तिरंगा
साहिल के अनुसार 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। वह भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे। उनके मुताबिक दोपहर के समय प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और भगदड़ जैसी स्थिति बनी। वह अन्य युवाओं की भीड़ के साथ कनॉट प्लेस क्षेत्र की ओर पहुंचे।
साहिल ने बताया कि भीड़ के आगे पहुंचने पर उनके हाथ में भारत का तिरंगा था और वहां बड़ी संख्या में छात्र व युवा मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ओर पैलेट गन से फायर किया गया, जो उनके चेहरे और खास तौर पर दाहिनी आंख के पास लगी।
चोट के बाद दिखाई देना हुआ बंद
शिकायत के मुताबिक छर्रे लगने के बाद साहिल की आंख, चेहरे, हाथ और छाती से खून निकलने लगा। उन्होंने बताया कि चोट लगने के बाद उन्हें दाहिनी आंख से दिखाई देना कम हो गया। इसके बाद उन्हें बाइक से लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी एमएलसी की गई। बाद में उन्हें सफदरजंग अस्पताल और फिर एम्स रेफर किया गया।
साहिल ने अपनी शिकायत में बताया कि 21 जुलाई की रात करीब एक बजे एम्स में उनकी आंख का सीटी स्कैन किया गया। इसके बाद 21 जुलाई को एम्स ट्रॉमा सेंटर और 22 जुलाई को आंख की सर्जरी के लिए उन्हें भर्ती किए जाने का जिक्र भी शिकायत में है।
इलाज के दौरान भी आंख की रोशनी को लेकर चिंता
साहिल के अनुसार एम्स में सीटी स्कैन में आंख के आसपास चोट और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटों की जानकारी सामने आई। शिकायत में उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने आंख के इलाज के संबंध में उन्हें बताया था कि आंख की रोशनी वापस आने की संभावना कम है।
उन्होंने यह भी बताया कि 25 जुलाई को उनकी आंख में सर्जरी की गई। इसके बाद 31 जुलाई को उन्हें आरपीसी आई सेंटर और एम्स की ओपीडी में दिखाया गया। शिकायत में दर्ज है कि डॉक्टरों ने आंख की रोशनी वापस आने की संभावना को लेकर उन्हें जानकारी दी।
21 अगस्त को दर्ज हुई एफआईआर
साहिल की शिकायत के आधार पर संसद मार्ग थाने में 21 अगस्त 2026 को एफआईआर संख्या 85/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 118(1) और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में आरोपी के तौर पर फिलहाल अज्ञात व्यक्ति का उल्लेख है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर मोहित वर्मा को सौंपी गई है। शिकायत में साहिल ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान फेंकी गई लोहे की प्लेट से उन्हें चोट लगी थी। हालांकि, प्लेट किस व्यक्ति ने फेंकी और घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं, यह पुलिस जांच का विषय है।






