
श्रीनगर,17 Aug : जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ संबंधी बयान को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्र सरकार पर तीखा पलटवार किया है। मुफ्ती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अनुच्छेद 370 की बहाली का समर्थन करती हैं और यदि इसके समर्थन के कारण उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ कहा जाता है, तो वह इस पहचान को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को इंटरनेट मीडिया के एक मंच- एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा, ‘मैं अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हूं। मैं एक दिमागी नक्सल हूं।’ इसके साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अपने दिवंगत पिता तथा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की एक पुरानी तस्वीर भी साझा की।
रिजिजू की इस व्याख्या के बाद महबूबा मुफ्ती का बयान सीधे तौर पर केंद्र की राजनीतिक और वैचारिक स्थिति को चुनौती देता दिखाई दिया। मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 के प्रति अपने समर्थन को ‘दिमागी नक्सल’ के लेबल से जोड़ते हुए सरकार के आरोप को ही अपने राजनीतिक प्रतिरोध का आधार बना दिया।
मुफ्ती की पोस्ट में दिखी पुरानी सियासत
महबूबा मुफ्ती के बयान ने भाजपा और पीडीपी के बीच पुराने राजनीतिक समीकरणों को भी चर्चा में ला दिया है। एक दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा और मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व वाली पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार चलाई थी। मुफ्ती द्वारा अपने बयान के साथ नरेन्द्र मोदी और अपने दिवंगत पिता की तस्वीर साझा किए जाने से इस पुराने राजनीतिक अध्याय की यादें भी ताजा हो गई हैं।
यहां यह भी बताना असंगत नहीं होगा कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी गत शनिवार को श्रीनगर में स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने संबोधन में कहा अनुच्छेद 370 की तरफ संकेत करते हुए कहा था कि जो कुछ हमसे छीना गया है, लौटाना होगा।





