
JPSC JSSC Exam Controversy , 8 Aug : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC परीक्षा में हुई कथित भारी धांधली को लेकर राजधानी रांची की सड़कों पर उतरा छात्रों का गुस्सा अब प्रचंड रूप धारण कर चुका है. खबर आ रही है कि गतिरोध सुलझाने के लिए स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच हुई हाई-प्रोफाइल वार्ता पूरी तरह बेनतीजा और फ्लॉप साबित हुई है.
बता दें 14वीं JPSC परीक्षा को तुरंत रद्द करने समेत छात्रों की मुख्य मांगों पर घंटों मंथन चला, लेकिन सरकार किसी भी मुद्दे पर ठोस फैसला लेने में नाकाम रही. उलटे सरकार ने छात्रों को ईमेल आईडी-JPSSC.feedback@gmail.com देकर अपने सुझाव भेजने की सलाह दे दी, जिसे अभ्यर्थियों ने पूरी तरह से टालने वाला रवैया करार दिया है.
वार्ता टेबल पर मंत्री ने कसा तंज, भड़के छात्र(JPSC JSSC Exam Controversy)
जानकारी के मुताबिक, स्टेट गेस्ट हाउस में मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर बाहर निकले देवेंद्र नाथ महतो गुट के छात्रों में भारी आक्रोश और गुस्सा देखने को मिला. अभ्यर्थियों ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान सरकार के एक मंत्री ने उन्हें ‘JLKM’ दल से जुड़ा बताकर तीखा कटाक्ष और तंज कसा.
छात्रों ने मीडिया के सामने गर्जते हुए साफ कर दिया कि उनका यह आंदोलन किसी भी राजनीतिक दल या एजेंडे का मोहताज नहीं है बल्कि यह लाखों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए आंदोलन को राजनीतिक रंग देकर कमजोर करने की साजिश रच रही है.
10 अगस्त को आर-पार की जंग का ऐलान
आंदोलनकारी छात्रों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि उन्होंने धांधली से जुड़े तमाम पुख्ता सबूत और दस्तावेज सरकार को सौंप दिए हैं. बिना किसी स्पष्ट और ठोस लिखित फैसले के यह आंदोलन किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होगा. छात्रों ने सरकार की तरफ से आए ईमेल सुझाव वाले प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए सीधे आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है.
वहीं अभ्यर्थियों ने ऐलान (JPSC JSSC Exam Controversy) किया है कि मांगें पूरी न होने तक उनका विरोध प्रदर्शन सड़कों पर जारी रहेगा और आगामी 10 अगस्त को हजारों छात्र एकजुट होकर झारखंड विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव करेंगे.





