
अयोध्या , 31 July : संसद लोकतंत्र का मंदिर है और आज इस मंदिर के गलियारों में भगवान राम की फोटो को हाथ में लेकर जिस तरह का तमाशा हुआ वो इस देश को शर्मसार करने वाला है. पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव संत की वेशभूषा पहनकर भगवान राम की तस्वीर हाथ में लिए पहुंचे और सामने दानपात्र रखकर प्रदर्शन करने लगे. यह विरोध राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी को लेकर था. लेकिन इस दौरान उन्होंने जो किया उसे देखकर कई लोग आहत हुए.
भगवान राम के तस्वीर के साथ विवादित हरकत
जब अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद वहां पहुंचे तो पप्पू यादव उनके पैर छूने के लिए झुके. इस नौटंकी के बीच वो ये भूल गए कि उनके हाथ में श्री राम लला की फोटो भी है. वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पप्पू यादव राललला की तस्वीर का कैसे अपमान कर रहे हैं. सांसद अवधेश प्रसाद का आशीर्वाद लेने की नौटंकी करते करते उन्होंने भगवान राम की तस्वीर को भी उनके चरणों के सामने झुका दिया है. इस वीडियो को देखकर रामलला के प्रति समर्पण भाव रखने वाले हर सनातनी का दिल गुस्से से भर जाएगा. वहीं पीछे खड़े विपक्षी सांसद इस पूरे नाटक पर ठहाके लगाते दिखे.
राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. उन्होंने दानपात्र में पैसा डालने का नाटक तो किया लेकिन बाद में वही पैसा पप्पू यादव को पकड़ा दिया. हास्यपद तो और तब हो गया जब भगवा वस्त्र पहने पप्पू यादव ने वह पैसा दानपात्र में डालने के बजाय अपनी जेब में रख लिया. इस दौरान भी उनके हाथ में रामलला की तस्वीर थी जिसका अपमान होता दिखा.
सवालों पर पप्पू यादव ने क्या कहा?
जब उनसे इस प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंदिर, गुरुद्वारे और चर्चों में चंदे की गड़बड़ी हो रही है. उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों से जांच करवाई जाए. उनका कहना था कि छोटी मछली को पकड़कर बड़ी मछली को बचाया जा रहा है.
बीजेपी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
इस पूरे नाटक के बीच बीजेपी को एक बार फिर विपक्ष पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाने का मौका मिल गया. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्ष ने सोची-समझी रणनीति के तहत साधु-संतों को चोर दिखाने की कोशिश की है. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और कांग्रेस जानबूझकर सनातन का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि चोरी किया कर्मचारियों ने, वो जेल में हैं और आप सनातन को गाली देंगे, भगवा को गाली देंगे?
संसद में विरोध का इतिहास
संसद परिसर में विपक्ष का विरोध कोई नई बात नहीं है. बोफोर्स घोटाले से लेकर कॉमनवेल्थ घोटाले तक, विपक्ष ने हमेशा नारेबाजी, अनशन और मार्च के जरिए सरकार को घेरा है. लेकिन इस बार का प्रदर्शन अलग था. भगवान राम की तस्वीर को लेकर जिस तरह का नाटक हुआ, उसे कई लोग संसद की गरिमा के खिलाफ बता रहे हैं.
विपक्ष पर सवाल
भारत की संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन ने इतिहास बदला है. बोफोर्स घोटाला हो, ताबूत घोटाला हो या फिर कॉमनवेल्थ घोटाला, न्यूक्लियर समझौतों का विरोध हो या किसान आंदोलन का समर्थन, विपक्ष हमेशा संसद के परिसर में नारेबाजी करता रहा है, अनशन करता रहा है और पैदल मार्च कर सत्ता और सरकार के खिलाफ आवाज उठाता रहा है. लेकिन आज जिस तरह का ओछा प्रदर्शन हुआ और भगवान श्री राम की फोटो का तिरस्कार कर पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में भद्दी नौटंकी की गई, उसका जवाब उन्हें आने वाले दिनों में देना ही होगा. साथ ही विपक्ष के लिए यह भी सोचने का समय है कि वे सरकार का विरोध करते समय किसी भी धर्म का विरोध करते तो नजर नहीं आ रहे हैं.







