जम्मू-कश्मीर , 30 July : जम्मू-कश्मीर पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के वित्तीय और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम को जड़ से उखाड़ने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है. इसी क्रम में आज रियासी और रामबन जिलों में पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से सक्रिय 9 आतंकवादियों और उनके हैंडलरों की अचल संपत्तियों को कुर्क/जब्त कर लिया गया. यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और E&IMCO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अमल में लाई गई.
रियासी: 5 आतंकी हैंडलरों पर कानूनी चाबुक
रियासी जिले के महोर क्षेत्र में पुलिस ने महोर थाने में दर्ज एफआईआर (70/2024) की जांच के दौरान 5 आतंकवादी हैंडलरों की अचल संपत्तियों को कुर्क किया.
आरोपियों की पहचान: अलाफ दीन, गुलाम मोहम्मद उर्फ गामा, मोहम्मद अशरफ, शबीर अहमद और बिहार दीन.
पुलिस का खुलासा: ये सभी आरोपी पहले हथियारों का प्रशिक्षण लेने पाकिस्तान गए थे और वर्तमान में वहीं से आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं. पुलिस को आशंका थी कि इन जमीनों को बेचकर मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल टेरर फंडिंग (Terror Funding) में किया जा सकता था.
रामबन: 13 कनाल और 13 मरला संपत्ति जब्त
दूसरी ओर, रामबन जिले में पुलिस ने PoK में शरण लेकर बैठे 4 आतंकियों की लगभग 13 कनाल और 13 मरला अचल संपत्ति (कीमत लाखों रुपये) को UAPA के तहत जब्त किया है. रामबन के एसएसपी अरुण गुप्ता ने बताया कि जब्त संपत्तियों में बनिहाल निवासी अब्दुल रशीद (11 मरला), कुंदन खारी के गुलाम रसूल (10 कनाल), बनिहाल के अब्दुल लतीफ नाइक (3 कनाल) और मुश्ताक अहमद (2 मरला) की पैतृक व कृषि योग्य जमीनें शामिल हैं. एसएसपी ने कहा कि पुलिस आतंकियों और उनके समर्थकों को गैरकानूनी संपत्ति का लाभ नहीं उठाने देगी.
राजौरी में मिला ‘PIA’ लिखा पाकिस्तानी गुब्बारा
एक तरफ जहां पुलिस वित्तीय नेटवर्क तोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा एजेंसियां एलओसी पर भी कड़ी नजर रख रही हैं. राजौरी जिले के थानामंडी इलाके के अजमताबाद गांव से ‘पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस’ (PIA) के नाम और लोगो वाला एक सफेद और लाल रंग का गुब्बारा बरामद हुआ है.
ड्रोन से हुई नशीले पदार्थों-हथियारों की तस्करी
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने गुब्बारे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि हवा के रुख से ऐसे गुब्बारे सीमा पार से आ जाते हैं, लेकिन ड्रोन से नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी के खतरों को देखते हुए पुलिस ‘एरिया-डोमिनेशन प्रोटोकॉल’ के तहत हर एंगल से जासूसी या किसी संदिग्ध इशारे की जांच कर रही है.






