New Delhi , 29 July : लोकसभा में विपक्षी दलों के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक बिल को मंजूरी मिल गई. इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई. चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया और कहा कि आंदोलन में गोली चलने की बात पूरी तरह गलत है.
गोली चलने पर मंत्री का बयान
जितेंद्र सिंह ने साफ कहा कि छात्रों पर गोली नहीं चली थी. उन्होंने बताया कि गोली चलाने का आदेश सरकार नहीं बल्कि मजिस्ट्रेट देता है. जब गोली चली ही नहीं तो आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था.
राहुल गांधी पर तंज
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 21 जुलाई को वे पीएम आवास के पास बैठ गए थे. मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने की इच्छा पूरी न होने पर राहुल ने पीएम आवास के पास बैठने का रास्ता चुना. उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में राहुल इस आंदोलन से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन जब आंदोलन ने जोर पकड़ा तो वे इसमें शामिल हो गए.
विपक्ष की भाषा पर सवाल
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी नेता द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि इतने अहम बिल पर चर्चा के दौरान सुझाव देने के बजाय राजनीति की जा रही है. युवाओं को ‘मूर्ख’ कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संसदीय परंपरा के खिलाफ है.
राहुल गांधी का हमला
इससे पहले राहुल गांधी ने बिल पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर RSS का कब्जा है. राहुल ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ एक प्रतीक थे और उनके इस्तीफे से कोई बदलाव नहीं होगा.
RSS पर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली और विश्वविद्यालयों में RSS का दबदबा है. उन्होंने कहा कि हर बड़े पद पर RSS के लोग बैठे हैं और यही लोग शिक्षा व्यवस्था चला रहे हैं.
एंटी पेपर लीक बिल पास होने के साथ ही सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. एक तरफ सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर RSS के नियंत्रण का मुद्दा उठाया.






