
श्रीनगर, 12 June : अनंतनाग से तक नौका विहार… दशकों से यह सपना फाइलों में बंद है। 38 वर्ष पुरानी इस तुलबुल बैराज परियोजना (तुलबुल नौवहन परियोजना) को फिर से जीवंत करने की तैयारी केंद्र सरकार ने कर ली है।
झेलम नदी में जलस्तर बनाए रखने के लिए वुल्लर के किनारे एक बैराज बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके लिए सर्वे भी आरंभ हो चुका है। पूर्व में पाकिस्तान की आपत्तियों के कारण इस परियोजना को बंद कर दिया गया था। अब सरकार सिंधु जल संधि के निलंबन का फायदा कश्मीर के लोगों को देने की तैयारी कर चुकी है।
एनएचपीसी को दी गई जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की जिम्मेदारी एनएचपीसी को सौंपी गई है। एनएचपीसी के परियोजना निदेशक संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने उत्तरी कश्मीर में निंगली, सोपोर, वुल्लर झील के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया व झेलम के जलप्रवाह को भी परखा।

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