
जम्मू , 31 Mar : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को विधायकों की सुरक्षा वापस लिए जाने का मुद्दा जमकर गरमाया. सदन में चर्चा तब और ज्यादा तीखी हो गई, जब इस पूरी डिबेट में ‘हिंदू-मुस्लिम’ एंगल की एंट्री हो गई. नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और बीजेपी विधायकों के बीच तीखी बहसबाजी देखने को मिली. इसी बीच पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने सत्ता पक्ष पर ऐसा तंज कसा, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा खड़ा हो गया.
सुरक्षा वापसी पर गूंजा ‘हिंदू-मुस्लिम’
विधानसभा में चर्चा के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सलमान सागर ने एक बड़ा और विवादित बयान दे डाला. सुरक्षा हटाए जाने पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा देने को लेकर “पिक एंड चूज़” (चुन-चुन कर) की नीति अपनाई जा रही है. सागर ने कहा-
‘चूंकि अधिकतर मुस्लिम विधायक कश्मीर घाटी से आते हैं, इसलिए एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी सुरक्षा हटाई जा रही है.’ उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले 35 वर्षों में सबसे ज्यादा आतंकी हमले कश्मीर में ही हुए हैं, फिर भी वहीं के विधायकों की सुरक्षा कम की जा रही है.
सज्जाद लोन का वो सवाल
इस पूरे ड्रामे के बीच सज्जाद लोन ने खड़े होकर स्पीकर से एक बेहद चुभता हुआ सवाल पूछा. लोन ने कहा, “जब पीएसए (PSA) जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाती है, तो आप कहते हैं कि यह सदन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और न ही सुरक्षा का मामला सदन के अंतर्गत आता है. तो फिर आज इस विषय (सुरक्षा) पर सदन में चर्चा क्यों होने दी जा रही है?”
लोन ने आगे कहा कि जब पीडीपी (PDP) कार्यालय से सुरक्षा वापस ली गई थी, तब तो उन्होंने कोई शोर-शराबा नहीं किया. फिर आज नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेता इस मुद्दे पर इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं?
‘B-टीम’ वाले ताने की दिलाई याद
सज्जाद लोन यहीं नहीं रुके. उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “जब ये लोग दूसरों पर आरोप लगाते थे कि वे ‘बीजेपी की B टीम’ हैं, तब इन्हें यह ख्याल नहीं आता था कि किसी पर भी हमला हो सकता है.” सज्जाद लोन के इस कड़े प्रहार के बाद सदन में बवाल मच गया. एनसी के विधायकों और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके चलते सज्जाद लोन और डिप्टी सीएम के बीच जोरदार बहस हुई. इस तीखी नोकझोंक में जब बीजेपी (BJP) के विधायकों ने भी हस्तक्षेप किया, तो सदन का माहौल पूरी तरह से गरमा गया.
फारूक अब्दुल्ला पर हमले का भी उठा जिक्र
इससे पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हसनैन मसूदी ने सदन में सुरक्षा वापस लेने का मुद्दा आधिकारिक तौर पर उठाया था. मसूदी ने कहा कि सभी लोग जानते हैं कि इस समय जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के क्या हालात हैं. उन्होंने हाल ही में विधानसभा के भीतर वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा का भी जिक्र किया. उन्होंने आशंका जताई कि सुरक्षा हटाने के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है और इस मुद्दे पर सदन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए.







