
Natural Gas Order , 25 Mar 2026 केंद्र सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. 24 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत अब प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पाइपलाइन के जरिए सुनिश्चित की जाएगी.
आदेश क्यों जरूरी हुआ?
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं तक पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस पहुंचाने से एलपीजी की खपत कम होगी और उन इलाकों में एलपीजी उपलब्ध कराई जा सकेगी जहां पाइपलाइन नहीं है. लेकिन पाइपलाइन बिछाने में कई अड़चनें आती हैं जैसे अलग-अलग विभागों से मंजूरी, जमीन पर अधिकार, ऊंचे शुल्क और कई बार स्थानीय निवासियों या आरडब्ल्यूए द्वारा विरोध.
मौजूदा चुनौतियां
हाल के समय में खाड़ी क्षेत्र की गैस आपूर्ति बाधित हुई है और होरमुज़ जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण भारत को एलएनजी की सप्लाई प्रभावित हुई है. ऐसे हालात में ईंधन का विविधीकरण बेहद ज़रूरी हो गया है ताकि लंबे समय तक ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे.
नया आदेश क्या कहता है?
सरकार ने Natural Gas and Petroleum Products Distribution (Through Laying, Building, Operation and Expansion of Pipelines and Other Facilities) Order, 2026 जारी किया है.
इसके तहत-
- सभी सार्वजनिक संस्थाएं और निजी लोग जिनके पास ज़मीन या क्षेत्र पर अधिकार है, उन्हें पाइपलाइन बिछाने की अनुमति देनी होगी.
- अधिकृत कंपनियों को तय समय सीमा में पाइपलाइन बिछाने और विस्तार करने का अधिकार मिलेगा.
- जमीन पर अधिकार, मंजूरी में देरी और ऊंचे शुल्क जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए एक समान ढांचा लागू होगा.
इस आदेश का मकसद है कि देशभर में पाइपलाइन नेटवर्क तेजी से बढ़े, प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़े और एलपीजी पर निर्भरता कम हो. आदेश के लागू होते ही यह व्यवस्था पूरे देश में लागू हो जाएगी.







