
किश्तवाड़ , 31 Jan : सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रोजेक्ट संपर्क के तहत 35 बॉर्डर रोड टास्क फोर्स (BRTF) की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC) ने 112 किलोमीटर लंबे किश्तवाड़–संसारी सड़क मार्ग पर यातायात को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया है। 8,759 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मार्ग के खुलने से जम्मू-कश्मीर की चिनाब घाटी एक बार फिर हिमाचल प्रदेश से जुड़ गई है।
भारी बर्फबारी में तेज और प्रभावी कार्रवाई
22–23 जनवरी को 4 से 5 फीट तक हुई भारी बर्फबारी के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई थी।
25 जनवरी को ताज़ा बर्फबारी ने हालात और चुनौतीपूर्ण बना दिए।
26 जनवरी को BRO की टीमों ने लगभग 2.5 फीट बर्फ हटाकर संसारी तक सीमित आवागमन बहाल किया।
27 जनवरी को बर्फबारी के एक और दौर से मार्ग फिर अवरुद्ध हो गया।
इसके बाद 28 से 30 जनवरी तक व्यापक बर्फ हटाने का अभियान चलाया गया और महज़ 72 घंटों में 3.5 फीट मोटी बर्फ हटाकर सड़क को पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया गया।
किश्तवाड़–संसारी सड़क का रणनीतिक और सामाजिक महत्व
किश्तवाड़–संसारी सड़क इस क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है। यह जम्मू-कश्मीर की चिनाब घाटी को हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र से जोड़ने वाला एक अहम अंतर-राज्य मार्ग है।
आर्थिक महत्व: यह मार्ग आवश्यक वस्तुओं, कृषि उत्पादों और व्यापारिक सामग्री के निर्बाध परिवहन को सुनिश्चित करता है।
मानवीय पहलू: सड़क खुलने से दूरदराज़ और ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आपातकालीन सहायता तक समय पर पहुंच मिलती है।
BRO और प्रोजेक्ट संपर्क के वरिष्ठ अधिकारियों ने 118 RCC के कर्मियों के समर्पण और अदम्य साहस की सराहना की। विषम मौसम और दुर्गम भूभाग में किए गए उनके अथक प्रयास राष्ट्र निर्माण, जनसेवा और रणनीतिक कनेक्टिविटी के प्रति BRO की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।







