
31 Jan : 40 हजार करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 9 दिनों के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया है.
बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता
ईडी के मुताबिक यह मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं, बैंक लोन के दुरुपयोग और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. ईडी रिमांड के दौरान पुनीत गर्ग से पूछताछ कर कथित लेन-देन, कंपनियों की भूमिका और अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच करेगी.
रिमांड अर्जी पर सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के पूर्व अध्यक्ष और निदेशक गर्ग को आरकॉम और उसकी समूह संस्थाओं द्वारा कथित तौर पर 40,000 करोड़ से अधिक के बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एक चल रही जांच के मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुनीत गर्ग रिलायंस कम्युनिकेशन में लंबे समय तक डायरेक्टर और प्रेसिडेंट जैसे बड़े पदों पर रहे.
धोखाधड़ी से मिले पैसों को छिपाया
ईडी के अनुसार गर्ग 2001 से 2025 तक कंपनी में सक्रिय रहे. इस अवधि के दौरान बैंक धोखाधड़ी से मिले पैसों को छिपाने, ठिकाने लगाने और उनकी लेयरिंग करने में अहम भूमिका निभाई है. गर्ग को इस बात की पूरी जानकारी थी कि बैंक से मिले पैसे को कहां और कैसे डायवर्ट किया जा रहा है.
ईडी ने बताया कि कथित तौर पर धन की हेराफेरी की गई धनराशि को आरकॉम की कई विदेशी सहायक कंपनियों और अपतटीय संस्थाओं के माध्यम से मोड़ दिया गया था. ईडी ने बताया कि आरकॉम के अध्यक्ष के रूप में गर्ग 2006 से 2013 के बीच कंपनी के वैश्विक उद्यम व्यवसाय का प्रबंधन कर रहे थे. उन्होंने 2014 से 2017 तक अध्यक्ष (नियामक मामलों) के रूप में भी कार्य किया.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान
ईडी ने कहा था कि उसने गर्ग की पत्नी के नाम पर मौजूद शेयर और म्युचुअल फंड को जब्त कर लिया गया है. यह गिरफ्तारी 21 अगस्त 2025 को दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई जांच के बाद हुई है, जिसमें आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), आईपीसी की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराधों के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी शामिल है.







