
जम्मू-कश्मीर , 18 Jan : कश्मीर घाटी इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। सर्दियों का सबसे कठिन दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ जारी है, जिसके कारण तापमान लगातार गिरता जा रहा है। बर्फीली हवाओं और जमा देने वाली ठंड से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में मौसम और अधिक खराब हो सकता है। अनुमान है कि 19 और 20 जनवरी को घाटी में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी। वहीं 21 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 25 जनवरी तक रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने 23 और 24 जनवरी को चिनाब घाटी, पीर-पंजाल और दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और बिना आवश्यकता यात्रा न करने की अपील की है।
मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोनमर्ग में तापमान गिरकर माइनस 8.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गांदरबल जिले में मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे ठंड और बढ़ गई है।
दक्षिण कश्मीर के शोपियां में न्यूनतम तापमान माइनस 6.7 डिग्री, पहलगाम में माइनस 6 डिग्री और गुलमर्ग में माइनस 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा काजीगुंड और कुपवाड़ा में तापमान माइनस 4.8 डिग्री, जबकि कोकेरनाग में माइनस 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ‘चिल्ला-ए-कलां’ सर्दियों के 40 दिनों का सबसे सख्त दौर होता है। यह अवधि 30 जनवरी को समाप्त होगी, लेकिन तब तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम ही है। फिलहाल कश्मीर घाटी में सर्दी अपने चरम पर है। लोग गर्म कपड़ों, अंगीठियों और हीटरों के सहारे कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे हैं।







