
जम्मू,9 Oct : सूर्यपुत्री तवी नदी की निर्मलता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए जम्मू नगर निगम ने एक और सराहनीय पहल की है। निवर्तमान नगर निगम आयुक्त डॉ. देवांश यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुज्जर नगर पुल पर दो विशेष विसर्जन पात्रों का विधिवत लोकार्पण किया। अब शहरवासी घरों और मंदिरों से निकलने वाली पुरानी पूजा सामग्री, सूखे फूल व हवन अवशेषों को सीधे नदी में बहाने के बजाय इन पात्रों में श्रद्धापूर्वक डाल सकेंगे। इससे पहले तवी पुल पर भी ऐसे चार पात्र लगाए जा चुके हैं, जिसके बाद इस व्यवस्था का विस्तार गुज्जर नगर पुल तक किया गया है।
इन पात्रों की स्थापना से नदी में सीधे गिरने वाले अजैविक और रासायनिक कचरे पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे तवी के जलीय जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा होगी। एक महीना पहले तवी पुल पर विसर्जन पात्र लगाए गए थे जिनका लोग बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं। निगम को इसके लिए सरहाना भी मिली।
धार्मिक मर्यादा और आस्था का पूर्ण सम्मान
नागरिकों की यह प्रबल भावना होती है कि पूजित सामग्री का अनादर न हो और वह सामान्य कचरे में न मिले। इन विसर्जन पात्रों के माध्यम से धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। लोग बिना किसी संकोच या अपराधबोध के अपनी पूजन सामग्री को एक सुरक्षित और समर्पित स्थान पर अर्पित कर सकते हैं, जिससे परंपरा और स्वच्छता दोनों का सामंजस्य बना रहेगा।
जैविक खाद निर्माण और पुनर्चक्रण को बढ़ावा
नगर निगम इन विसर्जन पात्रों में एकत्र होने वाली सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। फूल, पत्ते और अन्य प्राकृतिक अवशेषों को अलग कर उनसे उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाएगी। यह कदम शहर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत बनाने के साथ-साथ चक्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।
पुल पर सुरक्षित यातायात और स्वच्छ वातावरण
चलते वाहनों से पुल की रेलिंग के पार नदी में सामग्री फेंकने के दौरान अक्सर अचानक ब्रेक लगने या संतुलन बिगड़ने से हादसों का डर बना रहता है। इसके अलावा पुल की दीवारों और रैलियों पर गंदगी भी फैलती है। अब निर्धारित स्थान पर विसर्जन पात्र उपलब्ध होने से पुल पर अवांछित गंदगी नहीं फैलेगी और यातायात भी सुगम व सुरक्षित रहेगा।

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