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Delhi , 21 Aug : भारत में क्लीन एनर्जी यानी स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है लेकिन इसके जमीनी असर अब आम आदमी की जेब और देश के बाजारों पर साफ दिखने लगे हैं. हालिया आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोल में 20 प्रतिशत ईथेनॉल मिलाने (E20) के फैसले ने दो बड़े बदलाव ला दिए हैं एक तरफ जहां लोग अब अपनी गाड़ियों के लिए प्रीमियम पेट्रोल की तरफ तेजी से भाग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चीनी और गन्ने की किल्लत की आहट ने चिंता बढ़ा दी है.
प्रीमियम पेट्रोल क्यों बन रहा पहली पसंद?
इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल पंपों पर हाई-ऑक्टेन यानी प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है. मार्च के महीने में जो प्रीमियम फ्यूल बमुश्किल 4 प्रतिशत बिकता था, उसकी हिस्सेदारी बढ़कर अब 12 से 15 प्रतिशत तक पहुंच गई है. कुछ डीलर्स का तो यह भी कहना है कि उनके यहाँ इसकी बिक्री लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है.
आमतौर पर सामान्य पेट्रोल जहां 102 रुपए प्रति लीटर के आसपास मिलता है वहीं इंडियन ऑयल का XP95, भारत पेट्रोलियम का Speed और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का Power95 जैसे प्रीमियम विकल्प करीब 110 से 115 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहे हैं. इसके बावजूद लोग ज्यादा पैसे चुकाने से पीछे नहीं हट रहे हैं.
इस बदलाव की मुख्य वजह यह है कि बहुत से मोटर चालकों के मन में डर है कि ईथेनॉल-युक्त सामान्य पेट्रोल से गाड़ियों की माइलेज या इंजन की उम्र पर बुरा असर पड़ सकता है. हालांकि पेट्रोलियम विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य और प्रीमियम दोनों ही ईंधनों में 20% ईथेनॉल होता है, इसलिए माइलेज का फर्क बहुत ज्यादा नहीं है.
गन्ने के इस्तेमाल से चीनी संकट
एक तरफ जहां फ्यूल मार्केट की तस्वीर बदल रही है वहीं दूसरी तरफ ईथेनॉल बनाने के लिए गन्ने की भारी मांग ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता खड़ी कर दी है. चूंकि भारत ईथेनॉल उत्पादन के लिए काफी हद तक गन्ने पर निर्भर है इसलिए चीनी मिलों और ऊर्जा क्षेत्र के बीच कच्चे माल को लेकर खींचतान बढ़ सकती है.
बाजार में गन्ने की इस बढ़ती खपत के कारण चीनी के दाम मजबूत होने लगे हैं. हालात को संभालन के लिए सरकार ने हाल ही में गन्ने का समर्थन मूल्य (FRP) बढ़ा दिया है और थोक खरीदारों पर स्टॉक की सीमा तय कर दी है. यहां तक कि बाजार में चर्चा है कि यदि घरेलू स्तर पर आपूर्ति कम पड़ी तो सरकार लगभग एक दशक में पहली बार चीनी का आयात करने पर भी विचार कर सकती है.




