
जम्मू, 20 Aug : जम्मू-कश्मीर के पांच मेडिकल कालेजों में गैर राजपत्रित कर्मचारियों की काम छोड़ो हड़ताल वीरवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रही, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कर्मचारियों से न तो कोई बातचीत की गई है और न ही हड़ताल खुलवाने का कोई प्रयास किया गया है। हड़ताल से लगातार स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही है जिससे मरीज भी परेशान हैं।
इससे कर्मचारियों की न तो भर्ती हो रही है और न ही पदोन्नतियां हो रही हैं। इसी के विरोध में इन पांच मेडिकल कालेजों के गैर राजपत्रित कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने पांचों मेडिकल कालेजों में प्रदर्शन किया और भर्ती नियम न बनाने के लिए सरकार को आड़े हाथ लिया।
कर्मचारियों का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। सात वर्ष से यह कहा जा रहा है कि भर्ती नियम नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती नियम न बनने से कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। किसी की पदोन्नति नहीं हो पा रही है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि जब उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल का असर ओपीडी सेवाओं से लेकर इंडोर सेवाओं, रूटीन में होने वाली सर्जरी और लेबोरेटरी में होने वाले टेस्टों पर भी पड़ रहा है।
पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे इन मेडिकल कालेजों में अब इमरजेंसी को छोड़ कर अन्य कोई भी काम नहीं हो रहा है। इमरजेंसी में सभी अस्पतालों में भीड़ है।मरीज अब ओपीडी में दिखाने के स्थान पर निजी अस्पतालों का रूख कर रहे हैं।
वहीं कर्मचारियों का यह भी कहना है कि सात वषों में अस्पताल में न सिर्फ बिस्तरों की संख्या बढ़ी है बल्कि एमबीबीएस की सीटें भी पचास प्रतिशत बढ़ गई हैं। लेकिन सरकार इन सभी पहलुओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मांगे पूरी न हुई तो इस बार कर्मचारी अपनी हड़ताल वापस नहीं लेंगे।

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