
जम्मू , 10 July : मानसून के आगमन के साथ पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश-बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। बुधवार को जम्मू-कश्मीर सहित कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। वैष्णो देवी पर बारिश के बाद भूस्खलन हुआ, जिससे श्रद्धालु बाल-बाल बचे।
सोशल मीडिया पर आ रहीं तस्वीरों और वीडियो ने टेंशन और बढ़ा दी। ऐसे में यदि आप भी वैष्णो देवी धाम पर जाने का प्लान कर रहे हैं या माता के दर्शन के लिए पहुंच गए हैं, तो यह आर्टिकल आप ही के लिए हैं।
वैष्णो देवी धाम पर बुधवार को बारिश और भूस्खलन के बाद यात्रियों की समस्या और बढ़ गई। हालात ये बन गए है कि हेलीकॉप्टर सेवा और बैटरी कार सेवा बंद करनी पड़ी।
इस तरह की आपदा में श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे श्राइन बोर्ड के नियमों का पालन करें और यात्रा के समय इस तरह की स्थिति को देखने पर घबराने की बजाय संयम बरतें और एक-दूसरे की मदद करें।
मानसून में कैसे करें यात्रा?
बिगड़ते मौसम को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं और अपील की है कि इन नियमों का बखूबी पालन किया जाए।
1. यात्रा के समय कम सामान रखें
चढ़ाई के समय आप सिर्फ अपनी जरूरत के सामान ही बैग में रखें। जैसे पानी की बोटल, डॉक्टर द्वारा बताईं गईं दवाइयां, वैध पहचान-पत्र और यात्रा पर्ची। चढ़ाई के दौरान भारी या बहुत बड़े आकार का सामान ले जाने से बचें। ये आपकी यात्रा को मुश्किल बना सकता है।
2. रेन-कोट और अच्छी ग्रिप वाले जूते
यात्रा के समय रेन-कोट और अच्छी ग्रिप वाले जूते रखें ताकि फिसलन भरे रास्तों पर चढ़ाई उचित प्रकार की जा सके। बारिश के कारण भूस्खलन होने की आशंका बहुत ज्यादा होती है। इसलिए ट्रैक के लिए मजबूत ग्रिप वाले शूज, रेन-कोट और कुछ गर्म कपड़े अवश्य रखें।
3. श्राइन बोर्ड की एडवाइजरी का पालन करें
अगर रास्ते के बीच अचानक तेज बारिश हो जाती है या भूस्खलन हो जाता है तो श्रद्धालु को अफरा-तफरी के बजाय श्राइन बोर्ड के द्वारे हो रहे एनाउंसमेंट को बखूबी सुनना चाहिए और यात्रा मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों और साथियों के साथ सहयोग करना चाहिए।
4. पत्थरों वाली जगहों पर न खड़ें हों
बारिश के मौसम में थकान जैसी स्थिति में पत्थर वाले रास्तों पर खड़े होने या बैठने से बचें। इसके साथ ही केवल तय किए गए रास्तों का इस्तेमाल करें। कोई भी शॉर्टकट या बिना निशान वाला रास्ता आपको जोखिम में डाल सकता है।

5. हेल्पलाइन नंबर जरूर रखें
आपातकालीन समय में श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों, पुलिस और बचाव दलों का पूरा सहयोग दे, उनकी किसी भी बात को नज़रअंदाज न करें। इसके साथ ही श्राइन बोर्ड द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों की लिस्ट अपने पास जरूर रखें।

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