
India Singapore , 21 Jan : अमेरिकी ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी (USTDA) ने भारत को सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशियाई डेटा हब से जोड़ने वाले प्रस्तावित सबमरीन केबल सिस्टम के लिए मदद का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट से करीब 1.85 अरब लोगों को बेहतर डिजिटल सेवाएं मिलने की उम्मीद है.
एजेंसी और सबकनेक्स मलेशिया का समझौता
एजेंसी ने सबकनेक्स मलेशिया एसडीएन.बीएचडी. के साथ समझौता किया है ताकि SCNX3 सबमरीन केबल सिस्टम पर फिजिबिलिटी स्टडी की जा सके. यह स्टडी निवेश आकर्षित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व क्लाउड सेवाओं के लिए जरूरी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित होगी.
सुरक्षा और भरोसेमंद नेटवर्क
USTDA ने कहा कि इस पहल से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी. साइबर हमलों और विदेशी हस्तक्षेप के खतरे को कम करना भी इसका मकसद है. यह समझौता हवाई में आयोजित पैसिफिक टेलीकम्युनिकेशंस काउंसिल कॉन्फ्रेंस में हुआ.
अधिकारियों की राय
एजेंसी के डिप्टी डायरेक्टर थॉमस आर. हार्डी ने कहा कि संवेदनशील डेटा और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाने के लिए सुरक्षित अमेरिकी तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है. उन्होंने इसे दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया.
स्टडी का फोकस
फ्लोरिडा की एपीटेलीकॉम एलएलसी इस स्टडी को अंजाम देगी. इसमें रूट डिजाइन, इंजीनियरिंग, वित्तीय मॉडलिंग, कमर्शियलाइजेशन और रेगुलेटरी एनालिसिस शामिल होंगे.
भारत से जुड़ाव
योजना के मुताबिक, केबल चेन्नई को सिंगापुर से जोड़ेगा. साथ ही मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया में भी लैंडिंग पॉइंट्स पर विचार किया जा रहा है. इससे अमेरिकी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे.
डिजिटल बैकबोन मजबूत होगा
सबकनेक्स के सीईओ साइमन जेटल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की डिजिटल रीढ़ को मजबूत करेगा. नया रूट आर्थिक विकास, डिजिटल समावेशन और एआई व क्लाउड क्षमताओं के विस्तार में मदद करेगा.







