
केरल , 30 Oct : केरल में एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. फोर्ट कोच्चि के मशहूर काशी आर्ट कैफे पर सवाल उठाने वाले उत्तर प्रदेश के यूट्यूबर अमृत सिंह डैरेन के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है. उन पर धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी और वैमनस्य फैलाने का आरोप है. मामला दर्ज होते ही केरल की राजनीति में भी घमासान शुरू हो गया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर जमकर हमला बोला. उन्होंने सवाल पूछा कि हिंदुओं की भावनाओं और भारत समर्थक आवाजों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया कहां चली जाती है?
काशी आर्ट कैफे को लेकर वीडियो में क्या कहा था?
दरअसल, अमृत सिंह डैरेन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने फोर्ट कोच्चि स्थित काशी आर्ट कैफे को लेकर सवाल उठाए थे. व्लॉगर का आरोप था कि कैफे के नाम में हिंदुओं के पवित्र शहर काशी का इस्तेमाल किया गया है, जबकि वहां बीफ परोसा जाता है. उन्होंने यह दावा भी किया कि कैफे में पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की मूर्ति लगाई गई है.
वीडियो में उन्होंने केरल की कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर भी आरोप लगाए थे. उनका दावा था कि सरकार अरब देशों से केरल में इस्लाम को बढ़ावा देने और उसकी सहायता के लिए धन स्वीकार कर रही है.
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
वीडियो सामने आने के बाद केरल पुलिस ने अमृत सिंह डैरेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. उन पर धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी और वैमनस्य बढ़ाने का आरोप लगाया गया है.
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने भी वीडियो की आलोचना की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि केरल के बारे में गलत जानकारी फैलाकर राज्य की छवि खराब करने और समुदायों को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने पुष्टि की कि मामले में FIR दर्ज की गई है और कानून अपना काम करेगा.
मुख्यमंत्री के अलावा विपक्ष के नेता और CPI(M) नेता पिनराई विजयन ने भी वीडियो में की गई टिप्पणियों की निंदा की.
राजीव चंद्रशेखर ने CM पर साधा निशाना
FIR के बाद बीजेपी केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री सतीशन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केरल सभी मलयालियों का है और राज्य के खानपान, संस्कृति और त्योहारों का फैसला करने का अधिकार भी यहां के लोगों को है. लेकिन केरल भारत का अभिन्न हिस्सा है और हर मलयाली भारतीय है.
चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री को भारत समर्थक और हिंदू समुदाय की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में धर्मनिरपेक्षता की बात चुनिंदा तरीके से की जा है. बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि अगर किसी मुस्लिम पवित्र शहर के नाम पर बने रेस्तरां में सूअर का मांस परोसा जाए तो मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया क्या होगी?
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सभी नागरिकों को समान रूप से हासिल है. वहीं, अनुच्छेद 19(2) के तहत इस अधिकार पर कुछ उचित प्रतिबंध भी हैं. चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री से सभी धर्मों के प्रति समान संवेदनशीलता बरतने की मांग की.
गृह मंत्री ने FIR को बताया जरूरी कदम
राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने भी कार्रवाई का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि व्लॉगर ने वर्काला और फोर्ट कोच्चि के बारे में गलत जानकारी फैलाकर सांप्रदायिक संदेह पैदा करने की कोशिश की. ऐसे में FIR दर्ज करना जरूरी था.
चेन्निथला ने कहा कि केरल के मंदिर, मस्जिद, चर्च, कला और अलग-अलग समुदाय राज्य की साझा विरासत हैं. नफरत फैलाने वाले किसी भी अभियान को इसे नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने साफ कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब सांप्रदायिक नफरत फैलाने की छूट नहीं है.






