
New Delhi , 23 Oct : यदि आप भी अपने फोन से सिम कार्ड निकालकर सिर्फ वाई-फाई (Wi-Fi) के जरिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम या अन्य मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार अब पूरी तरह सख्त हो गई है, और देश में मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल के नियम पूरी तरह बदलने जा रहे हैं.
क्या है सरकार का नया ‘सिम बाइंडिंग’ नियम?
दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारतीय मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल और साइबर क्राइम को रोकने के लिए सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को ‘सिम बाइंडिंग’ (SIM Binding) के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. इस नए नियम के तहत, जिस मोबाइल नंबर से ऐप पर रजिस्ट्रेशन किया गया है, उससे जुड़ी एक्टिव सिम का उस डिवाइस के अंदर मौजूद होना अनिवार्य होगा जिसमें वह ऐप चलाया जा रहा है.
आसान शब्दों में कहें तो, अब आप एक बार अकाउंट बनाने के बाद सिम कार्ड निकालकर दूसरे फोन, लैपटॉप या वाई-फाई पर लंबे समय तक उस अकाउंट का उपयोग नहीं कर पाएंगे. यदि सिम निकाली जाती है या बंद होती है, तो ऐप की सेवाएं स्वतः रुक सकती हैं.
किन-किन ऐप्स पर पड़ेगा इसका असर?
सरकार के इन नए और कड़े निर्देशों के दायरे में देश में इस्तेमाल होने वाले तमाम प्रमुख कम्यूनिकेशन प्लेटफॉर्म्स आ रहे हैं. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं.
- Telegram
- Signal
- Snapchat
- ShareChat
- JioChat
क्यों उठाया जा रहा है यह बड़ा कदम?
इस नए नियम के पीछे सबसे बड़ा कारण देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड पर रोक लगाना है. दूरसंचार विभाग के संज्ञान में यह बात आई थी कि कुछ साइबर अपराधी भारतीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके और बाद में सिम निकालकर विदेशों या अन्य स्थानों से अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं.
ऐसे नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक्स, निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे गंभीर मामलों में फंसाया जाता है. सिम बाइंडिंग लागू होने से अपराधियों के लिए इन फेक तरीकों का इस्तेमाल करना असंभव हो जाएगा.
कब से लागू होंगे ये नियम?
सरकार ने पहले इस नियम को लागू करने के लिए मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की थी. हालांकि, तकनीकी चुनौतियों और कंपनियों के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए इस डेडलाइन को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया गया है. अब माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2027 से देश में यह नया सिस्टम पूरी सख्ती के साथ लागू कर दिया जाएगा.





