
श्रीनगर, 5 Oct : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने अपने श्रीनगर विंग में कार्यरत उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) का रास्ता खोल दिया है, जो फिलहाल नेशनल पेंशन सिस्टम के दायरे में हैं। हाईकोर्ट की ओर से जारी ताजा आदेश के बाद पात्र कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प चुनने का मौका मिलेगा।
रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल, श्रीनगर के आदेश संख्या 267/आरजेएस, दिनांक 4 अक्टूबर 2026 में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
किसे मिलेगा ओपीएस चुनने का मौका?
इस फैसले का सबसे अहम पहलू पात्रता की शर्त है। आदेश के मुताबिक ऐसे कर्मचारी इसके लिए विचार योग्य होंगे, जिन्होंने 1 जनवरी 2010 या उसके बाद सरकारी सेवा ज्वाइन की, लेकिन उनकी नियुक्ति उन पदों या रिक्तियों के खिलाफ हुई हो, जिन्हें 24 दिसंबर 2009 से पहले आधिकारिक रूप से विज्ञापित या अधिसूचित किया गया था। 24 दिसंबर 2009 वह तारीख है, जब एसआरओ-400 जारी किया गया था।
यानी केवल सेवा में शामिल होने की तारीख ही निर्णायक नहीं होगी। कर्मचारी के पद के विज्ञापन या अधिसूचना की तारीख भी महत्वपूर्ण होगी। इसी आधार पर संबंधित मामलों की पात्रता की जांच की जाएगी।
6 अक्टूबर तक करना होगा आवेदन
हाईकोर्ट ने पात्रता के दायरे में आने वाले और ओपीएस का विकल्प चुनने के इच्छुक अधिकारियों-कर्मचारियों से निर्धारित फॉर्मेट में अपनी जानकारी जमा करने को कहा है। यह विकल्प फॉर्म 6 अक्टूबर 2026 तक रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल, श्रीनगर के कार्यालय में हर हाल में पहुंचना चाहिए।
इसके बाद सभी मामलों को संकलित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय को भेजा जाएगा। ऐसे में पात्र कर्मचारियों के लिए समयसीमा बेहद महत्वपूर्ण है।





