ऊधमपुर, 10- Sep : बुधवार शाम करीब एक घंटे हुई तेज बारिश ने देविका नदी का मिजाज अचानक बदल दिया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए तट पर स्थित श्मशान घाट तक पहुंच गया, जहां उस समय एक शव का अंतिम संस्कार चल रहा था। पानी शव के करीब पहुंचा तो उसके बहने का खतरा पैदा हो गया। लोगों ने समय रहते अस्थायी व्यवस्था कर पानी को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इसी दौरान देविका नदी किनारे स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जा रहा था। बारिश तेज होने पर वहां मौजूद लोगों ने स्थिति पर नजर रखी, लेकिन कुछ ही देर में नदी का पानी श्मशान घाट की ओर बढ़ने लगा। पानी अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंच गया। शव के करीब पहुंचने से पहले लोगों ने मिलकर अस्थायी इंतजाम किए और पानी का रुख आगे बढ़ने से रोक दिया।
अचानक बढ़े जलस्तर से लोगों की चिंता बढ़ी
अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का कहना था कि सामान्य नजर आने वाली देविका बारिश के बाद तेजी से बहने लगी। नदी किनारे श्मशान घाट सहित कई महत्वपूर्ण स्थान होने के कारण ऐसी स्थिति को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले भी तेज बारिश के दौरान देविका का जलस्तर इसी तरह बढ़ा था। उस समय हालात बेहद गंभीर हो गए थे और तेज बहाव में कुछ शवों के बह जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। बुधवार को दोबारा ऐसी स्थिति बनने से पुराने घटनाक्रम की यादें ताजा हो गईं।
देविका के तेज बहाव से बचाव के इंतजाम भी जरूरी
घटना के बाद लोगों ने देविका नदी संरक्षण परियोजना के तहत हो रहे कार्यों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ अचानक बढ़ते जलस्तर तथा तेज बहाव से निपटने के इंतजाम भी जरूरी हैं।
शहरवासियों ने प्रशासन से देविका के जल प्रवाह का तकनीकी स्तर पर अध्ययन करवाने तथा बरसात में बढ़ने वाले जलस्तर को देखते हुए स्थायी सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की। लोगों का कहना है कि संरक्षण परियोजना में नदी के स्वरूप के साथ उसके प्राकृतिक बहाव और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए।






