मुंबई , 10 Sep : मुंबई-गोवा हाईवे का काम लंबे समय से चल रहा है और इसकी धीमी रफ्तार अब केंद्र सरकार के लिए भी चिंता का कारण (Mumbai Goa Highway delay) बन गई है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने यहां तक कहा कि हाईवे के काम में इतनी देरी हुई है कि उन्हें खुद शर्मिंदगी महसूस होती है.
उद्घाटन में नहीं लेंगे हिस्सा
बुधवार को पणजी के पास पोरवोरिम में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह पहले ही तय कर चुके थे कि हाईवे का चौड़ीकरण पूरा होने के बाद होने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे.
गडकरी ने कहा कि इतने लंबे समय से चल रहे इस काम में देरी उन्हें बिल्कुल स्वीकार नहीं है. उन्होंने आगे कहा, “मैंने पहले ही ऐलान किया था कि मैं चौड़े किए गए मुंबई-गोवा हाईवे के उद्घाटन में नहीं आऊंगा, क्योंकि मुझे शर्म आती है कि इसमें इतनी ज्यादा देरी हुई है.”
अक्टूबर में खुद सड़क से करेंगे सफर
गडकरी ने बताया कि मंगलवार को इस मामले को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई. अब वह अक्टूबर में मुंबई से गोवा तक सड़क मार्ग से यात्रा करेंगे. वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क से गोवा जाएंगे और रास्ते में हाईवे की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे.
इस दौरान उनका फोकस सिर्फ सड़क बनने पर नहीं, बल्कि यात्रियों को मिल रही सुविधा पर भी रहेगा. वह देखेंगे कि सफर कितना सुगम हुआ है और अभी किन जगहों पर परेशानी बनी हुई है.
ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्ती
नितिन गडकरी ने यह भी संकेत दिया कि काम में लापरवाही या देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि खराब काम और प्रोजेक्ट में देरी करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई भी हो सकती है.






