
श्रीनगर , 27 Aug : हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों के तेजी से बदलते स्वरूप और उनसे जुड़ी आपदाओं के बीच जम्मू-कश्मीर की पांच ग्लेशियल झीलों को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के लिहाज से ‘बहुत अधिक संवेदनशील’ श्रेणी में रखा गया है। इन झीलों के संभावित डाउनस्ट्रीम प्रभाव क्षेत्र में 2,704 इमारतों के अलावा करीब 15 बड़े पुल, सड़क नेटवर्क और कम से कम एक जलविद्युत परियोजना प्रभावित हो सकती है।
वहीं, 26 अगस्त 2026 को नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली जल आपदाओं के खतरे को सामने ला दिया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बर्फीले हिमस्खलन से ल्हेंदे नदी में अस्थायी अवरोध बना और उसके टूटने से अचानक बाढ़ आई। हालांकि, इस घटना में किसी ग्लेशियल झील के फटने की भूमिका की अभी जांच की जा रही है।






