
Rajasthan 15 Aug : अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक और हिला देने वाला हादसा सामने आया. यहां मस्टर्ड ऑयल (सरसों के तेल) की पैकिंग करने वाली ‘अलवर साल्वेक्स फैक्ट्री’ में अचानक भीषण आग भड़क उठी. सुबह करीब 6 बजे जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया. आग इतनी भयानक थी कि सुबह 9 बजने के बाद भी दमकल कर्मियों को इस पर पूरी तरह काबू पाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.
आसपास की फैक्ट्रियां कराई गईं खाली
हादसे की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग ने तुरंत मोर्चा संभाला. आग की लपटों को आसपास की इकाइयों तक फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर पास की अन्य फैक्ट्रियों को तुरंत खाली करवा लिया गया.
वहां काम कर रहे सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया है और पूरे इलाके में आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है. सुरक्षा के लिहाज से रास्ते पर बैरिकेड्स लगाकर उसे बंद कर दिया गया है ताकि कोई भी शख्स खतरे वाली जगह के नजदीक न जा सके.
लगातार जारी पानी की बौछारें
फायर ऑफिसर अमित मीणा के मुताबिक, सुबह 6 बजे जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, तुरंत दमकल की गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया. आग की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि देखते ही देखते और गाड़ियां बुलानी पड़ीं.
खबर लिखे जाने तक करीब 15 दमकल गाड़ियां आग बुझाने के काम में जुटी हुई हैं. तेल और गत्ते-पैकिंग का सामान होने के कारण आग बार-बार भड़क रही है, जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मी लगातार पानी और फोम की बौछारें कर रहे हैं.
करोड़ों के नुकसान की आशंका
फैक्ट्री के मालिक पवन जैन चौधरी का कहना है कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट लग रही है. इस भीषण अग्निकांड में फैक्ट्री को पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. आग ने पूरी फैक्ट्री के एक बड़े हिस्से को मलबे और राख में तब्दील कर दिया है.
हालांकि नुकसान का सही आंकड़ा आग पूरी तरह बुझने और कूलिंग ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही सामने आ पाएगा. गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी बड़े जननुकसान की खबर नहीं है.





