
गुरुग्राम, 3 Aug : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक अक्टूबर से लागू होने जा रही ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ नीति की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
गुरुग्राम के 500 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है। इसमें से 300 पेट्रोल पंपों पर 31 अगस्त तक कैमरे लगाने होंगे।
खास बात यह है कि अगस्त में पहले चरण में अगस्त माह के दौरान गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत जिलों के कुल 775 पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद सितंबर में एनसीआर के शेष जिलों के 2005 पेट्रोल पंपों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
इस नीति को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एनसीआर के सभी पेट्रोल पंपों पर आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने 30 सितंबर तक एनसीआर के सभी 2780 पेट्रोल पंपों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
कैसे काम करेगी एएनपीआर प्रणाली
एएनपीआर कैमरे पेट्रोल पंप पर आने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्वचालित रूप से स्कैन करेंगे। यह प्रणाली वाहन के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की वैधता की जांच करेगी।
यदि किसी वाहन का पीयूसीसी समाप्त हो चुका होगा या उपलब्ध नहीं होगा, तो संबंधित वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण में मिलेगी मदद
सीएक्यूएम का मानना है कि नो पीयूसीसी, नो फ्यूल नीति के लागू होने से एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या में कमी आएगी। प्रदूषण नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों के अनुसार अगस्त और सितंबर में चरणबद्ध तरीके से कैमरे लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि एक अक्टूबर से यह नीति पूरी तरह लागू की जा सके।






