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असम , 28 July : असम में इन दिनों बाढ़ के कारण जनजीवन बिलकुल बेहाल हो रखा है. राज्य के कई हिस्सों में नदियां उफान पर हैं जिससे आम लोगों को भारी नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच पीएम मोदी ने दिल्ली में असम के सभी सांसदों के साथ एक अहम बैठक की है. इस मीटिंग में राज्य के मौजूदा हालात और बाढ़ से हो रहे संकच पर विस्तार से चर्चा की गई.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार असम के लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों तक हरसंभव राहत पहुंचाई जा रही है. साथ ही, उन्होंने असम के लोगों की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की है.
विधायकों ने उठाया सराहनीय कदम
इस आपदा के बीच असम के नेताओं ने एकजुटता की एक बड़ी मिसाल पेश की है. राज्य के विधायकों ने मिलकर एक बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत रायजोर दल को छोड़कर बाकी सभी दलों के विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद और उनके पुनर्वास के लिए अपना एक महीने का पूरा वेतन दान करने का ऐलान किया है. नेताओं का यह कदम इस मुश्किल समय में पीड़ित जनता के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है.
शिवसागर में हालात सबसे ज्यादा गंभीर
बता दें कि मैदानी इलाकों से लेकर गांवों तक पानी भर जाने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. खासकर शिवसागर जिले के नौजान गांव का हाल बहुत बुरा है. यहां बाढ़ का पानी सीधे लोगों के घरों के अंदर घुस गया है और मुख्य सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं. हालात इतने खराब हैं कि सैकड़ों परिवारों के सामने सिर छिपाने की जगह, खाने-पीने का सामान और साफ पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. हालांकि प्रशासन और राहत एजेंसियों की टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री बांटने के काम में तेजी से जुटी हुई हैं.






