अमेरिका , 24 July : मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी ने पूरे क्षेत्र में नए सैन्य संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर तेहरान गंभीरता के साथ बातचीत के लिए आगे नहीं आता, तो अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में पहले हुआ युद्धविराम भी बेअसर होता दिखाई दे रहा है.
ट्रंप ने दी चेतावनी
Axios को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान पर अब तक पर्याप्त दबाव नहीं बनाया गया है. उनके अनुसार, अमेरिकी सेना लगातार कई रातों से ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका और अधिक सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. हालांकि इजरायल पहले से तैयार है, लेकिन ट्रंप का कहना है कि फिलहाल अमेरिका खुद स्थिति संभालने में सक्षम है.
तनाव की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. यदि यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो एशिया, यूरोप और अमेरिका समेत कई देशों में ईंधन संकट और महंगाई बढ़ सकती है. यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं.
फरवरी में शुरू हुआ जंग
इस टकराव की शुरुआत फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए बड़े सैन्य अभियान से हुई थी. इसके बाद ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाब दिया, जबकि लेबनान से हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल पर हमले तेज कर दिए. अप्रैल में युद्धविराम लागू हुआ, लेकिन जून में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हुई घटनाओं के बाद तनाव फिर बढ़ गया.
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की सख्त चेतावनी ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति भी हो सकती है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों पक्ष बातचीत का रास्ता चुनेंगे या मिडिल ईस्ट एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ेगा.






