
उत्तर प्रदेश 4 July : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने शनिवार दोपहर एक बार फिर राम मंदिर चंदा घोटाले पर तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा कि मंदिर में पहले दिन से ही ‘खेल’ चल रहा था और यही वजह है कि वह आज तक दर्शन करने नहीं गए.
चार साल पहले उठाया था सवाल
बृजभूषण सिंह ने दोहराया कि उन्होंने यह मुद्दा चार साल पहले ही उठाया था जब कोई और इस पर बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा था. उनका कहना है कि मंदिर में गड़बड़ी के चलते ही उन्होंने दूरी बनाए रखी. उस समय भी उन्होंने आरोप लगाया था कि गोंडा और आसपास के क्षेत्रों की जनता को अयोध्या से अलग कर दिया गया है.
आंदोलन से जुड़े लोगों को दरकिनार
पूर्व सांसद ने कहा कि जगह-जगह बैरिकेटिंग लगाकर पुराने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को किनारे किया जा रहा है. हाल ही में जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चंदा घोटाले का मुद्दा उठाया, तो बृजभूषण भाजपा के पहले नेता थे जिन्होंने इस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ कहा था कि अगर वह खुलकर बोलेंगे तो उनका नुकसान होगा क्योंकि इसमें बड़े-बड़े लोग शामिल हैं.
निष्पक्ष जांच की मांग
17 जुलाई को भी उन्होंने बयान दिया था कि कोई भी मुद्दा बिना वजह नहीं उठता और बिना आग के धुआं नहीं होता. उनका कहना था कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि इसकी आंच ट्रस्ट से आगे बढ़कर केंद्र और प्रदेश तक पहुंच रही है. उन्होंने ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों को ही इस स्थिति का कारण बताया.
आंदोलन से जुड़े रहे बृजभूषण
बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं. लेकिन भूमि पूजन और उद्घाटन कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था. उन्होंने पहले भी आरोप लगाया था कि अयोध्या से गोंडा और देवी पाटन मंडल को दूर किया जा रहा है.





