
ऊधमपुर , 27 June : कल्पना कीजिए… पहाड़ों के बीच घंटों जाम में फंसे बिना, शूटिंग स्टोन वाले इलाकों की चिंता किए बिना और बार-बार रुकने की मजबूरी से मुक्त होकर बाबा बर्फानी के दर्शन की ओर बढ़ते वाहन। इस बार तीन जुलाई से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का सफर कुछ ऐसा ही होने जा रहा है।
पिछले वर्ष की तुलना में न केवल रामबन-बनिहाल के बीच यात्रा करीब तीन किलोमीटर छोटी होगी, बल्कि अब तक सफर की सबसे बड़ी परेशानी माने जाने वाले रामसू, मारोग, पंतिहाल और मगरकोट जैसे हिस्सों में भी राहत मिलने वाली है। यात्रा शुरू होने से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सुरंगों और फ्लाईओवर का ऐसा तोहफा देने जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के सफर को पहले से कहीं अधिक सुगम, सुरक्षित और यादगार बना देगा।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के चार लेन विस्तार परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। अब रामबन से बनिहाल के बीच तकरीबन 35 किलोमीटर हिस्से में सुरंगों, पुलों और वायाडक्ट का निर्माण अंतिम चरण में है। इन्हीं परियोजनाओं के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को अमरनाथ यात्रा से पहले यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। जिससे वर्षों से सबसे चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले हिस्सों में राहत मिलेगी।
जम्मू से श्रीनगर जाने वाले वाहन इस लेन का उपयोग कर सकेंगे
एनएचएआई ने रामसू-मगरकोट फ्लाईओवर की जम्मू से श्रीनगर जाने वाली अप लेन तैयार कर ली है। शुक्रवार सुबह इस पर ट्रायल के तौर पर सबसे पहले एक ट्रक को गुजारा गया, जिसके बाद अन्य वाहनों को भी फ्लाईओवर से निकाला गया। ट्रायल के दौरान केवल जम्मू से श्रीनगर जाने वाले वाहन इस लेन का उपयोग कर सकेंगे, जबकि श्रीनगर से जम्मू आने वाले वाहनों को मगरकोट बाजार से होकर पुरानी मार्ग से गुजरना होगा। अप्रोच रोड का अंतिम कार्य पूरा होते ही संभवतः दो जुलाई को रवाना होने वाले अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे के वाहनों को इसी फ्लाईओवर से रवाना कर इसका औपचारिक उद्घाटन कर इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को एक और बड़ी राहत डिगडोल-पंतिहाल के बीच बन रही लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी टनल नंबर-4 (टी-4) के रूप में मिलेगी। टनल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसे भी अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे के वाहनों के गुजरने के साथ यातायात के लिए खोला जाना प्रस्तावित है।
इस टनल का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि श्रद्धालुओं को वर्षों से भूस्खलन, मलबा गिरने और शूटिंग स्टोन के लिए बदनाम खूनी नाला और पंतियाल जैसे संवेदनशील हिस्सों से काफी हद तक राहत मिलेगी। हल्की बारिश में भी जहां अक्सर यातायात प्रभावित हो जाता था, वहां अब सुरंग के जरिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही संभव होगी।
30 जून तक समरोली में दूसरी ट्यूब को खोल देने का लक्ष्य
एनएचएआई के अनुसार इन परियोजनाओं के शुरू होने से रामबन और बनिहाल के बीच यात्रा की दूरी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन किलोमीटर कम हो जाएगी। दूरी में कमी भले ही सीमित हो, लेकिन बार-बार लगने वाले जाम, तीखे मोड़ों और संकरे हिस्सों से राहत मिलने के कारण यात्रा का समय और थकान दोनों कम होंगे। विशेष रूप से रामसू और पंतिहाल क्षेत्र में यातायात पहले की अपेक्षा अधिक सुचारु रहेगा।
पिछले वर्ष मानसून के दौरान बादल फटने, भारी बारिश और भूस्खलन से थर्ड और समरोली सहित कई हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। एनएचएआई ने इन क्षेत्रों में लगभग 90 प्रतिशत मरम्मत और ढलानों को स्थिर करने का कार्य पूरा कर लिया है। शेष कार्य भी तेजी से जारी है ताकि यात्रा के दौरान कहीं कोई बाधा न आए। 30 जून तक समरोली में दूसरी ट्यूब को खोल देने का लक्ष्य है।

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