
बिहार , 16 June : बिहार के कटिहार जिले से प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. आमतौर पर प्रदर्शन और विरोध के दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने अपने व्यवहार से यह साबित कर दिया कि संवाद और संवेदनशीलता से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है.
कॉलेज की ओर से मूलभूत जरुरतें भी नहीं हो रही हैं- प्रदशर्न कर रही छात्राओं का आरोप
मंगलवार शाम करीब पांच बजे कटिहार-पूर्णिया राष्ट्रीय राजमार्ग 131A पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जीएनएम कॉलेज की छात्राएं अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आईं. छात्राओं ने कॉलेज में मिलने वाली सुविधाओं की खराब स्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़क जाम कर दी. इसके चलते करीब दो घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा.प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप था कि कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं. उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. इसी कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
जमीन पर बैठकर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सुनी छात्राओं की समस्या
इसके बाद छात्राएं सीधे जिला समाहरणालय पहुंच गईं और जिलाधिकारी से मिलने की मांग करने लगीं. स्थिति को देखते हुए प्रशासन के सामने चुनौतीपूर्ण माहौल बन गया. हालांकि, इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी का दिल जीत लिया. जैसे ही उन्हें छात्राओं के प्रदर्शन की जानकारी मिली, वे अपने कार्यालय से निकलकर सीधे छात्राओं के बीच पहुंच गए. उन्होंने किसी तरह का औपचारिक प्रोटोकॉल नहीं अपनाया, बल्कि छात्राओं के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं. जिलाधिकारी को अपने बीच इस तरह बैठा देख छात्राओं का गुस्सा धीरे-धीरे शांत हो गया.
हर कोई जिलाधिकारी के इस व्यवहार की कर रहा है सराहना
आशुतोष द्विवेदी ने एक-एक छात्रा की बात ध्यान से सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि कॉलेज की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि छात्राओं की सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. जिलाधिकारी के इस सादगीपूर्ण और संवेदनशील रवैये का छात्राओं पर सकारात्मक असर पड़ा. उनके आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया. इतना ही नहीं, छात्राओं ने जिलाधिकारी की कार्यशैली और व्यवहार की खुलकर सराहना की.कटिहार के जिलाधिकारी का यह कदम प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है.





