US Attacks Indian Crew , 11 June : पश्चिम एशिया और हिंद महासागर के मुहाने पर इस समय बेहद खतरनाक और चौंकाने वाला भू-राजनीतिक (Geopolitical) संकट खड़ा हो गया है. ईरान से जारी युद्ध और अपनी कथित नाकाबंदी (Blockade) के नाम पर अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान तट के पास सीधे तौर पर भारतीय नाविकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. दरअसल पिछले 72 घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने भारतीय चालक दल (Indian Crew) वाले तीन बड़े कमर्शियल जहाजों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं.
इस बीच अब एमटी मैरीवेक्स’ (MT Marivex) और ‘सेटेबेलो’ (Settebello) के बाद अब ओमान के शिनास बंदरगाह के पास 20 भारतीयों वाले जहाज ‘एमटी जलवीर’ (MT Jalveer) पर भी हमले की सनसनीखेज खबर आ रही है. बताते चलें कि अमेरिका की दादागीरी में 23 वर्षीय नाविक आदित्य शर्मा समेत 3 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जिसने भारत-अमेरिका के रिश्तों और ‘क्वाड’ दोस्ती पर बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.
भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रमुख को किया तलब
शुरुआत में कूटनीतिक नरमी बरतने के बाद, अब भारत सरकार ने इस मामले (‘US Attacks Indian Crew) पर बेहद सख्त और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. अमेरिकी हमले में भारतीय नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि होने के बाद नई दिल्ली ने कड़ा ऐतराज जताया है. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर इस समय कज़ाखस्तान की यात्रा पर हैं, लिहाजा विदेश मंत्रालय ने तुरंत अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख (Acting Chief of Mission) को साउथ ब्लॉक तलब कर अपनी गहरी नाराजगी और सख्त लहजे में विरोध दर्ज कराया है. जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने भी साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
गलती मानना तो दूर, ढिठाई पर उतरा अमेरिका(US Attacks Indian Crew)
इस पूरे विवाद में सबसे शर्मनाक रवैया अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का रहा है. तीन-तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की जान लेने के बावजूद ट्रंप प्रशासन ने अब तक कोई खेद या दुख नहीं जताया है. अमेरिकी नेवी अपनी इस क्रूर हरकत पर पर्दा डालने के लिए दावा कर रही है कि इन जहाजों ने ईरान से तेल ले जाते हुए चेतावनी और नाकाबंदी के नियमों का उल्लंघन किया था.
वहीं, फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के महासचिव मनोज यादव ने अमेरिकी दावों की धज्जियां उड़ाते हुए साफ किया है कि भारतीय क्रू को रेडियो पर कोई चेतावनी नहीं दी गई थी, यह सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन और टारगेटेड हमला था.
क्वाड, दोस्ती और समझौतों का क्या मतलब?
भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस अहंकारी रवैये (‘US Attacks Indian Crew) ने हिंद महासागर में भारत के रणनीतिक हितों को ठेस पहुंचाई है. जब भारत-अमेरिका आए दिन QUAD, IMPDA और IFC-IOR जैसे बड़े-बड़े समझौतों और सुरक्षा साझेदारियों के ढोल पीटते हैं, तब अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय जीवन की इस तरह अनदेखी करना यह दिखाता है कि वॉशिंगटन के लिए सिर्फ अपने युद्ध हित मायने रखते हैं. ईरान के युद्धपोत ‘IRIS डेना’ को डुबाने के बाद से बौखलाया अमेरिका अब इस पूरे समुद्री रूट को बंधक बना चुका है, जिससे भारत का वैश्विक व्यापार और हमारे नाविकों की जिंदगी दांव पर लग गई है.
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